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Basirhat Seat: संदेशखाली के चलते सुर्खियों में आई बशीरहाट लोकसभा सीट पर हैं सबकी निगाहें, कुछ ऐसा रहा है इतिहास

Basirhat Lok Sabha Seat: बशीरहाट सीट का इस लोकसभा चुनाव में खासा जिक्र हो रहा है, वजह है संदेशखाली जहां पर काफी बवाल हुआ था जिसने देश भर का ध्यान इस ओर खींचा, जानिए इस लोकसभा सीट का लेखा-जोखा...

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बशीरहाट लोकसभा सीट का खासा जिक्र हो रहा है

Basirhat Lok Sabha Seat: इस लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की बशीरहाट सीट पर सबकी निगाहें हैं वजह है संदेशखाली (Sandeshkhali) जो इसी लोकसभा का हिस्सा है जहां पर हाल ही में काफी बवाल हुआ था और महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रही हैं थीं संदेशखाली कांड को लेकर भाजपा ममता सरकार पर हमलावर है।

संदेशखाली बवाल की असल वजह है टीएमसी नेता शाहजहां शेख (Shahjahan Sheikh), शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर गरीबों की जमीन हड़पने और महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप हैं हालांकि उसे गिरफ्तार कर लिया गया था, संदेशखाली कांड पर बवाल इतना अधिक बढ़ गया कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की पुरजोर मांग की जा रही थी।

बशीरहाट लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में से एक है, यह निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में स्थित है, नंबर 18 बशीरहाट लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी सात विधानसभा क्षेत्र उत्तर 24 परगना जिले में हैं, पहली बार यहां 1952 में लोकसभा निर्वाचन के तहत मतदान किया गया था।

बसीरहाट लोकसभा सीट बांग्लादेश से सटा हुआ है

उत्तर 24 परगनी जिले का बसीरहाट लोकसभा सीट बांग्लादेश से सटा हुआ है करीब 2,217 किलोमीटर का दायरा पड़ोसी देश बांग्लादेश से सटा हुआ है, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक अनुमान है कि बशीरहाट के मतदाताओं में मुसलमानों का अनुपात 54 फीसदी से ज्यादा है।

1980 से 2004 तक इस सीट पर सीपीआई का कब्जा रहा

1977 में यहां भारतीय लोकदल की जीत हुई थी उसके बाद 1980 से 2004 तक इस सीट पर सीपीआई का कब्जा रहा, यहां राष्ट्रगुरु सुरेंद्रनाथ कॉलेज, बसीरहाट कॉलेज, आचार्य प्रफुल्ल चंद्र कॉलेज, बारासात कॉलेज प्रमुख शैक्षिक संस्थान हैं साथ ही टेंपल ऑफ फेम, फ्लैग स्टाफ हाउस, गांधी घाट, मचरंगा द्वीप हैं यहां के टूरिस्ट प्लेसेज हैं।

भाजपा की रेखा पात्रा पर हैं सबकी निगाहें

बशीरहाट लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा की रेखा पात्रा के अलावा सीपीआई(एम) के निरपदा सरदार, एआईटीसी के हाजी नूरुल इस्लाम व आईएसएफ के अख्तर रहमान बिस्वास भी मैदान में हैं।

Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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