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जेल से बाहर आते ही एक्टिव हुए सीएम केजरीवाल, हरियाणा चुनाव के लिए बनाया ये खास प्लान

Election News: सीएम अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आते ही फुल ऑन एक्टिव जोन में आ गए हैं। उन्होंने हरियाणा चुनाव को लेकर रणनीतियों पर काम करना तेज कर दिया है। केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में आप के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। आपको खास बाते बताते हैं।

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अरविंद केजरीवाल।

Arvind Kejriwal Plan for Haryana Chunav: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के साथ शनिवार को बैठक की। केजरीवाल को आबकारी नीति ‘घोटाला’ मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत दिये जाने के कुछ घंटे बाद शुक्रवार शाम तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया था।

बैठक में केजरीवाल के साथ कौन-कौन रहा मौजूद

‘आप’ ने हरियाणा में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर वार्ता विफल होने के बाद अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। केजरीवाल द्वारा बुलाई गई बैठक में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, ‘आप’ नेताओं संदीप पाठक और राघव चड्ढा के अलावा दिल्ली के मंत्रियों गोपाल राय, आतिशी और सौरभ भारद्वाज समेत अन्य लोग मौजूद थे।

हर विधानसभा क्षेत्र में प्रचार अभियान की योजना बनी

‘आप’ के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) पाठक ने बताया कि केजरीवाल ने बैठक के लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को बुलाया था। बैठक में हरियाणा चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रचार अभियान की योजना बनाई गई। पाठक ने कहा कि ‘आप’ हरियाणा में व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है।

उन्होंने कहा, 'जब से सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत दी है, हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह कई गुना बढ़ गया है और वे पहले से सौ गुना अधिक ऊर्जा के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। हमारा मानना है कि इस बार हरियाणा का चुनाव काफी रोमांचक होने वाला है।' हरियाणा की 90 विधानसभा सीट के लिए मतदान पांच अक्टूबर को होगा जबकि मतगणना आठ अक्टूबर को की जाएगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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