Lok Sabha elections 2024: साल 2014,2019 लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद 24 का चुनाव कांग्रेस के लिए ज़मीन तलाशने का चुनाव था और कहीं न कहीं कांग्रेस ने 99 सीट के साथ अपनी वापसी की, इस चुनाव में पार्टी ने गठबंधन वाले राज्यो में अच्छा किया और उन राज्यो में अच्छा प्रदर्शन रहा जहाँ 2019 में खाता भी नही खोल पाई थी।
इस रिपोर्ट के ज़रिये हम आपको वो नौ कारण बतायेंगे जो कांग्रेस के बाउंसबैक का कारण रही—-
1.2019 लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफ़ा देने के बाद ही राहुल गांधी ने ये तय कर लिया था कि वो पार्टी के एक कार्यकर्ता की भूमिका में आकर सिर्फ़ अपने ऊपर लगे शहज़ादे के टैग को बल्कि कांग्रेस को फिर से ज़िंदा करने का काम करेंगे, 2022 के सितंबर में राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर की पैदल यात्रा शुरू की जिसका नाम रखा “भारत जोड़ो यात्रा”, इस यात्रा के ज़रिये पार्टी ने वो काम किया जो 10 साल सत्ता में रहकर भी नहीं कर सकी वो था लोगो के बीच जाकर कांग्रेस की बात करना,कांग्रेस की कमी ढूँढना और लोगो के बीच कांग्रेस की चर्चा होना।
2. “भारत जोड़ो यात्रा” के समाप्ति के बाद ही देश में विधानसभा चुनाव शुरू हुए जिसमे पार्टी ने कर्नाटक,तेलंगाना और हिमाचल में सरकार बनाई वही राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में सत्ता से बेदख़ल भी हो गई, लेकिन इसके बाद भी पार्टी ने अपना फ़ोकस लोकसभा चुनाव से हटाया नहीं।
3.विधानसभा चुनाव में हार के बाद इंडिया गठबंधन की मुहिम को तेज करते हुए कांग्रेस पार्टी की एक कमिटी बनाई जो एलायंस पार्टियो के साथ मिलकर सीटों पर फ़ैसला लेते रहे, इस दौरान राहुल गांधी ने ये संदेश कई बार दिया कि कांग्रेस अपने गठबंधन साथियों के साथ बड़ा दिल रखकर सीटो का बँटवारा करेगी।
4. कांग्रेस की तरह से किसी गठबंधन साथी के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी न हो इसपर शीर्ष नेतृत्व की पूरी नज़र थी, यही वजह है कि बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने के बाद भी ममता बनर्जी ने कभी भी एलायंस से बाहर जाने की बात नहीं की।
5. जिन राज्यो में क्षेत्रीय दल मज़बूत थे कांग्रेस ने उसे अपर हैंड देते हुए सीट की चॉइस का भी मौक़ा उन्हें दिया, यही वजह है की बिहार, उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में अपने माँग वाली सीट भी पार्टी ने छोड़कर कम सीट पर गठबंधन किया।
6. कांग्रेस ने इस लोकसभा चुनाव में प्रचार मॉडल को बदला.. निगेटिव कैंपेन की जगह पार्टी ने आम मुद्दों को रजिस्टर किया जिसमे 5 न्याय और 25 गारंटी का ज़िक्र करते दिखे।
7.कांग्रेस ने चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया पर एग्रेसिव कैंपेन चलाय, ख़ासकर इंस्टाग्राम रील्स का इस्तेमाल पार्टी ने इस चुनाव में किया जिसमे 30 sec के वीडियो में राहुल गांधी कभी कांग्रेस मैनिफेस्टो, कभी अड़ानी मुद्दे पर सरकार को घेरते तो कभी वोट की अपील करते नज़र आए।
8.कांग्रेस ने त्रिशूल फॉर्म में प्रचार को रखा, मतलब तीन लेयर का प्रचार.राहुल गांधी- अग्रेसिव कैंपेन करते नज़र आए प्रियंका गांधी-इमोशनल कैंपेन ( मंगलसूत्र का बयान, कांग्रेस ज़मीन ले लेगी इन बयानों पर पलटवार करती दिखीं) मल्लिक़ार्ज़ुन खड़गे- दलित, गरीब की बात करते हुए नज़र आए।
9.कांग्रेस ने इस चुनाव में अपने नेताओं के डैमेज करने वाले बयानों पर तुरंत एक्शन किया, सैम पित्रोदा को ओबरसिज कांग्रेस के प्रमुख से हटाने से लेकर मणिशंकर के बयान को पार्टी की लाइन नही बताने में देर नहीं की, यही वजह है की पार्टी को उनके बयानों से नुक़सान नही पहुँचा।
