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झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए कितने उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन? जानें दोनों चरण का हिसाब-किताब

Jharkhand Chunav:क्या आप जानते हैं कि झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए कुल कितने उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है? झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 634 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं पहले चरण की बात की जाए तो निर्वाचन अधिकारी ने बताया है कि पहले चरण में 743 प्रत्याशियों के नामांकन मंजूर कर लिए गए हैं।

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(फाइल फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Jharkhand Assembly Elections 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए सियासी उठापटक का सिलसिला बदस्तूर जारी है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि सूबे में हो रहे चुनाव में दूसरे चरण के लिए कुल कितने उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है? झारखंड में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव के लिए कुल 634 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। एक निर्वाचन अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अंतिम दिन तक कुल कितने उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन?

दूसरे चरण के लिए कुल 634 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन मंगलवार को 297 उम्मीदवारों ने 38 सीट पर चुनाव लड़ने के लिए अपने दस्तावेज जमा किए। इन सीट पर 20 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा। नामांकन पत्रों की जांच बुधवार को होगी, जबकि उम्मीदवार एक नवंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार गमालियल हेम्ब्रम ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बरहेट विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के बाद हेम्ब्रम ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ना एक चुनौती है, लेकिन बरहेट के लोगों ने इस चुनौती को स्वीकार करने का फैसला किया है। निर्वाचन क्षेत्र के लोग अभी भी सड़क और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’’

झारखंड चुनाव के पहले चरण में 743 प्रत्याशियों के नामांकन मंजूर

झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 743 उम्मीदवारों के नामांकन जांच के दौरान स्वीकार कर लिये गये हैं। एक निर्वाचन अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 62 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज कर दिये गये। राज्य में 13 नवंबर को पहले चरण के तहत 43 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जायेंगे। इन 43 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 805 प्रत्याशियों ने 18 से 25 नवंबर तक नामांकन पत्र दाखिल किए थे। सोमवार को इन नामांकन पत्रों की जांच की गयी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने यहां कहा, ‘‘जांच के बाद अब 743 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। उम्मीदवार बुधवार तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में चुनाव होंगे। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। अधिकारी ने बताया कि बरकागांव, जमशेदपुर पश्चिम और हटिया विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक 28-28 उम्मीदवार हैं तथा खरसांवा में सबसे कम 10 प्रत्याशी हैं। वर्ष 2019 में 43 सीट पर 633 प्रत्याशी मैदान में थे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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