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UPSC परीक्षा में क्यों गिर रहा बिहार के छात्रों का सक्सेस रेट, Vikas सर ने बताई दो वजह

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर साल आयोजित होने वाली 'सिविल सेवा परीक्षा' में लगातार बिहार के छात्रों की संख्या कम हो रही है, इस पर ANI से बात करते हुए 'दृष्टि IAS' के फाउंडर और MD डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने जवाब दिया है।

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UPSC परीक्षा में क्यों गिर रहा बिहार के छात्रों का सक्सेस रेट

एक समय बिहार के छात्र संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित होने वाली 'सिविल सेवा परीक्षा' में सबसे ज्यादा झंडे गाड़ते थे, लेकिन हाल ही के ट्रेंड में राज्य के छात्रों की सफलता का अनुपात गिर गया है। डॉ. विकास दिव्यकीर्ति सर पटना गए हैं, ऐसे में वहां उन्होंने ANI से बात करते हुए इस सवाल का जवाब दिया कि आखिर क्यों बिहार के छात्रों का सक्सेस रेट पहले जैसा नहीं रहा

कौन हैं डॉ. विकास दिव्यकीर्ति

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति एक भारतीय शिक्षक, लेखक और 'दृष्टि आईएएस' नाम की कोचिंग के संस्थापक और पूर्व सिविल सेवक हैं, जिन्होंने पहली बार मे ही सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस बनने का गौरव हासिल किया था। जब ANI ने उनसे सिविल सेवाओं के बदलते परिदृश्य पर बात की, तो उन्होंने इस सवाल का भी जवाब दिया कि सिविल सेवा परीक्षा में बिहारी छात्रों की सफलता का अनुपात लगातार कम होने का कारण क्या है?

ANI से बात करते हुए, दिव्यकीर्ति ने बताया कि वर्ष 2000 के आस-पास, IAS और IPS अधिकारी मुख्य रूप से केरल और तमिलनाडु से आते थे। हालांकि, बिहार और राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में इस परीक्षा के प्रति तेजी से रुझान बढ़ा, और पहले से कई अधिक लोग सिविल सेवाओं में आने लगे हैं।

दिव्यकीर्ति सर ने बताया दो कारण

रही बात बिहारी छात्रों की तो दिव्यकीर्ति सर ने बताया कि बिहार के छात्रों का सिविल सेवा परीक्षा में जो सक्सेस रेट था, उसमें कमी के दो कारण हो सकते हैं पहला: "या तो बिहार के छात्रों का इस परीक्षा में इंट्रेस्ट कम हो रहा है या फिर इस परीक्षा की तैयारी करने वाले अन्य राज्यों के छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है, यानी प्रतियोगिता का बढ़ना।

अब चूंकि कई राज्यों में इस परीक्षा के प्रति ट्रेंड बढ़ा है, इसलिए बिहार का जो दबदबा पहले था, वह अब आंकड़ों में नहीं दिखता है,"

उन्होंने आगे कहा "मेरा मानना है कि छात्रों की पहली प्राथमिकता पढ़ाई है। अगर कोई संस्थान उन्हें ठीक से पढ़ा रहा है, टेस्ट सीरीज और दूसरी चीजों जैसी उनकी जरूरतें पूरी कर रहा है, और मेंटरशिप दे रहा है, तो बच्चे आसानी से गुमराह नहीं होंगे। वे समझदार हैं; वे समझते हैं कि उनके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा।

कब आएगा फाइनल रिजल्‍ट

बता दें, UPSC सिविल सेवा (मेन्स) परीक्षा 2025 के नतीजे 11 नवंबर, 2025 को UPSC की आधिकारिक वेबसाइट (upsc.gov.in) पर घोषित किए गए थे, जिसमें पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) स्टेज के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। प्रीलिम्स के नतीजे जून 2025 में जारी किए गए थे, और फाइनल नतीजे इंटरव्यू प्रक्रिया खत्म होने के बाद, शायद 2026 की शुरुआत में आने की उम्मीद है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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