What is PMRC Scheme 2026: भारत सरकार ने देश में रिसर्च और इनोवेशन को नई ऊंचाई देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026 के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। PMRC योजना के तहत उन क्षेत्रों में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा जो देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं मेडिकल टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष और रक्षा, कृषि एवं खाद्य तकनीक, अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क, परमाणु ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इस योजना का मकसद दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, रिसर्च संस्थानों, प्रयोगशालाओं और उद्योगों में काम कर रहे भारतीय मूल के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को भारत के प्रमुख संस्थानों से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय प्रतिभाओं का अनुभव और ज्ञान देश के रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। यही वजह है कि इस योजना के जरिए वैश्विक भारतीय विशेषज्ञों को भारत में अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने का अवसर दिया जाएगा।
PMRC योजना के तहत फेलो और मेजबान संस्थानों के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार और संस्थान योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया https://pmrc.education.gov.in पर जाकर देख सकते हैं। योजना के सफल संचालन के लिए सात प्रमुख संस्थानों को "लीड इंस्टीट्यूशन" के रूप में चुना गया है। इनमें आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और आईआईएससी बेंगलुरु शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह योजना भारत को रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी।
किन्हें मिलेगा मौका?
यह योजना तीन अलग-अलग श्रेणियों में अवसर प्रदान करती है।
- यंग रिसर्च फेलो – शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं के लिए
- सीनियर रिसर्च फेलो – अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए
- रिसर्च चेयर – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के लिए
क्या मिलेंगी सुविधाएं?
चयनित फेलो को आकर्षक फेलोशिप, रिसर्च ग्रांट, आधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं तक पहुंच मिलेगी। साथ ही उन्हें देश के प्रमुख सरकारी संस्थानों और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के साथ काम करने का अवसर भी मिलेगा। इस योजना के लिए भारतीय नागरिक, ओसीआई कार्डधारक और भारतीय मूल के वे लोग आवेदन कर सकते हैं जो विदेशों में शोध, विज्ञान या तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं।
