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EWS सर्टिफिकेट क्या होता है? जानें यूपीएससी जैसे एग्जाम्स में कितना मिलता है लाभ

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल रिजल्ट के बाद एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि नौवीं रैंक हासिल करने वाली अभ्यर्थी आस्था जैन ने EWS सर्टिफिकेट लगाया है। आइये जानते हैं कि EWS सर्टिफिकेट क्या होता है और यूपीएससी जैसे एग्जाम्स में इससे कितना मिलता है लाभ?

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आस्था जैन के EWS सर्टिफिकेट पर विवाद

EWS Certificate Controversy on UPSC CSE result 2025: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल रिजल्ट के बाद एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि नौवीं रैंक हासिल करने वाली अभ्यर्थी आस्था जैन ने EWS सर्टिफिकेट लगाया है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स और इन्फ्लूएंसर्स दावा कर रहे हैं कि आस्था जैन पहले सामान्य वर्ग में चयनित होकर आईपीएस बनी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के प्रमाणपत्र के आधार पर परीक्षा पास की है। सोशल मीडिया पर इस मामले की जांच की मांग हो रही है। हालांकि अब तक इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है EWS सर्टिफिकेट

EWS सर्टिफिकेट यानी Economically Weaker Section Certificate एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो यह प्रमाणित करता है कि संबंधित व्यक्ति सामान्य वर्ग से है और उसकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा से कम है। भारत में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अवसर देने के उद्देश्य से EWS आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रमाण पत्र के आधार पर उम्मीदवार सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रावधान वर्ष 2019 में संविधान के 103वें संशोधन के बाद लागू हुआ था। इसके तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत तक आरक्षण का लाभ दिया जाता है।

EWS सर्टिफिकेट के लाभ

EWS सर्टिफिकेट आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों के दरवाजे खोलने में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। शिक्षा और रोजगार के अवसरों में इस तरह की व्यवस्था से सामाजिक संतुलन और समान अवसर की भावना को बढ़ावा मिलता है। EWS आरक्षण का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा में लाना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन किसी अन्य आरक्षित श्रेणी में नहीं आते।

सामान्य वर्ग के कमजोर छात्रों को भी लाभ

पहले आरक्षण की व्यवस्था मुख्य रूप से सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए थी, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं था। इसी कारण सरकार ने यह नई श्रेणी शुरू की। EWS आरक्षण की व्यवस्था को लागू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन सामान्य वर्ग से आने वाले युवाओं को भी समान अवसर प्रदान करना है। Union Public Service Commission द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत सीटों का आरक्षण दिया जाता है। इसके कारण सामान्य श्रेणी की तुलना में इस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए चयन की संभावना कुछ अधिक हो जाती है।

EWS सर्टिफिकेट के लिए शर्तें

EWS सर्टिफिकेट आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ देने के लिए जारी किया जाता है। इसके लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट पात्रता शर्तें तय की हैं। ये शर्तें निम्नलिखित हैं-

सामान्य वर्ग का होना जरूरी

आवेदक का संबंध SC, ST या OBC वर्ग से नहीं होना चाहिए। EWS का लाभ केवल सामान्य (General Category) के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिया जाता है।

कृषि भूमि की सीमा

परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक जमीन होने पर EWS श्रेणी का लाभ नहीं मिलेगा।

वार्षिक आय सीमा

आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसमें वेतन, कृषि आय, व्यापार और अन्य सभी स्रोतों से होने वाली आय शामिल होती है।

शहरी प्लॉट की सीमा

यदि परिवार के पास नगर निगम क्षेत्र में जमीन है, तो वह 100 वर्ग गज से अधिक नहीं होनी चाहिए।

आवासीय फ्लैट की सीमा

परिवार के पास 1000 वर्ग फीट से बड़ा आवासीय फ्लैट नहीं होना चाहिए।

गैर-नगर निगम क्षेत्र में प्लॉट की सीमा

नगर निगम से बाहर यानी अन्य नगर क्षेत्रों में प्लॉट का आकार 200 वर्ग गज से अधिक नहीं होना चाहिए।

परिवार की परिभाषा

EWS पात्रता तय करते समय परिवार में आवेदक, माता-पिता, पति/पत्नी और 18 वर्ष से कम उम्र के भाई-बहन की आय और संपत्ति को शामिल किया जाता है।

EWS सर्टिफिकेट कौन जारी करता है

EWS सर्टिफिकेट राज्य सरकार के अधिकृत राजस्व अधिकारियों द्वारा जारी किया जाता है। यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि आवेदक आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग से संबंधित है और उसे 10% आरक्षण का लाभ मिल सकता है। अधिकांश मामलों में EWS प्रमाण पत्र तहसील स्तर पर तहसीलदार द्वारा जारी किया जाता है। कई जिलों में SDM या उप जिलाधिकारी भी यह प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत होते हैं।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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