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UPTET 2026: 60 जिलों में आयोजित होगी यूपीटीईटी परीक्षा, पेपर लीक होने से रोकने के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा चक्र तैयार

UPTET 2026: यूपी टेट परीक्षा को लेकर यूपीईएसएससी द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आयोग द्वारा पेपर लीक और नकल को रोकने के लिए मल्टी लेवल सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है।

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UPTET 2026 (Photo - AI)

UPTET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा देकर यूपी में टीचर बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। बीते दिनों से पेपर लीक की कई खबरें सामने आने से और 2021 में हुई पेपर लीक की घटना से बड़ा सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग द्वारा परीक्षा की सुरक्षा और पेपर को लीक होने से रोकने के लिए कई कड़े इंतजाम किए गए हैं। बोर्ड द्वारा मल्टी लेवल सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है।

UP TET परीक्षा कब है?

उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग द्वारा यूपी टीईटी परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई, 3 जुलाई और 4 जुलाई को कई शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों की भारी संख्या को देखते हुए परीक्षा का आयोजन तीन दिन में विभिन्न शिफ्ट में किया जा रहा है।

कितने परीक्षा केंद्रो पर आयोजित होगी यूपीटीईटी परीक्षा

यूपीटीईटी 2026 परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 60 जिलों में किया जाएगा। इन जिलों में परीक्षा के लिए 955 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा संपन्न कराई जाने की तैयारी की जा रही है।

लीक प्रूफ सिस्टम के लिए तैयार सुरक्षा कवच

परीक्षा की प्रणाली को पूरी तरह से सुरक्षित और लीक प्रूफ बनाने के लिए आयोग द्वारा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों यानी पेपर और पेपर 2 के कई अलग-अलग सेट तैयार किए गए हैं। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि इन सेट में से कौन सा सेट वास्तव में परीक्षा के दौरान इस्तेमाल किया जाएगा, इसके बारे में कोई नहीं जानता है। परीक्षा से करीब 5 घंटे पहले इस बात का फैसला किया जाएगा की परीक्षा के दौरान तैयार किए गए विभिन्न सेट में से किस सेट का इस्तेमाल किया जाएगा।

45 मिनट पहले कटर से खोले जाएंगे पेपर

बोर्ड द्वारा परीक्षा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, जिला कोषाधिकारियों (Treasury Officers) और कार्यदायी संस्थान के प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं, कि वह केवल उसी बॉक्स को खुलेंगे जिसमें चुने गए कलर कोडे प्रश्न पत्र के सेट होंगे। इन बॉक्स को वन-टाइम डिजिटल लॉक लगा होगा, जिसे परीक्षा से करीब 45 मिनट पहले कटर की मदद से खोला जाएगा।

बायोमेट्रिक से लगेगी अटेंडेंस

परीक्षा केंद्रों पर नकल न हो सके और डमी कैंडिडेट्स की एंट्री को बैन करने के लिए आयोग द्वारा सुरक्षा तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसमें परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसमें उम्मीदवार की लाइव फोटोग्राफी, आंखों की स्कैनिंग आदि की जाएगी।

टीचर की ड्यूटी भी होगी अंतिम समय में तय

परीक्षा के दौरान कौन सा टीचर किस परीक्षा हॉल में ड्यूटी देगा इसे भी एग्जाम शुरू होने से मात्र 30 मिनट पहले स्टेटिक मजिस्ट्रेट की हाजिरी में रैंडमाइजेशन पद्धति के माध्यम से तय किया जाएगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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