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UPSC Result 2026 Controversy: यूपीएससी की 301वीं रैंक पर खड़ा हुआ विवाद, आकांक्षा सिंह नाम की दो लड़कियों ने किया दावा

UPSC Result 2026 Controversy: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा मेरिट लिस्ट में 301वीं रैंक को लेकर विवाद खड़ा हो (UPSC Result Controversy) गया है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की आकांक्षा सिंह ने और बिहार रणवीर सेना के संस्थापक मुखिया ब्रह्मेश्वर सिंह की पोती आकांक्षा सिंह ने इस रैंक का असली उम्मीदवार बताया है। कथित तौर पर दोनों का कहना है कि उन्होंने 301वीं रैंक हासिल की है। यहां आप पूरा मामला समझ सकते हैं।

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UPSC Result 2026 Controversy: यूपीएससी की 310वीं रैंक को लेकर खड़ा हुआ विवाद

UPSC Result 2026 Controversy: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी हो गया है। हालांकि रिजल्ट को लेकर एक विवाद तब खड़ा हो गया जब अलग-अलग राज्यों की दो महिलाओं ने एक ही रैंक हासिल करने का दावा किया। दोनों उम्मीदवारों आकांक्षा सिंह ने कथित तौर पर अखिल भारतीय रैंक (AIR) 301वीं प्राप्त की है, जिससे सोशल मीडिया पर मूल्यांकन में पारदर्शिता, रैंकिंग में निष्पक्षता, सीट आवंटन आदि को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक उम्मीदवार बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह हैं, जो रणवीर सेना के संस्थापक मुखिया ब्रह्मेश्वर सिंह की पोती हैं। उन्होंने कथित तौर पर 301वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि दूसरी उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा सिंह हैं।

यह विवाद सोशल मीडिया पर एक एडमिट कार्ड के प्रसारित होने के बाद शुरू हुआ, जिसमें एक जैसा नाम और रोल नंबर था, जिससे मामला और भी उलझ गया। अब दोनों अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर स्थानीय लोगों ने बहस काफी तेज कर दी है।

UPSC Result Controversy: गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने शेयर किए दस्तावेज

बता दें इस विवाद के बीच यूपी के गाजीपुर जिले की आकांक्षा सिंह ने अपने दावे को साबित करने के लिए कुछ डॉक्यूमेंट्स साझा किए हैं। इसके लिए उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपना एडमिट कार्ड और कॉल लेटर शेयर किया। इन दस्तावेजों पर जो रोल नंबर है, वो कॉल लेटर पर भी दिख रहा है।

वीडियो शेयर कर दी जानकारी

गाजीपुर जिले की आकांक्षा सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए वीडियो शेयर कर कहा कि मैं पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ हूं और वर्तमान में पटना एम्स में प्रैक्टिस कर रही हूं। मुझे यूपीएससी 2025 में 301वीं रैंक मिली है। मुझे पता चला है कि एक अन्य लड़की 301वीं रैंक का दावा कर रही है। यह वीडियो सिर्फ स्पष्टीकरण के लिए है। अगर दोनों एडमिट कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन किया जाए, तो मामला बिल्कुल साफ हो जाएगा।

ब्रह्मेश्वर सिंह की पोती आकांक्षा ने भी किया दावा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 6 फरवरी को पीटीआई से बात करते हुए, ब्रह्मेश्वर सिंह की पोती आकांक्षा ने दावा किया कि उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा था इस बार मुझे पूरा भरोसा था। यह मेरे दादाजी का सपना, उन्हें भी मुझ पर पूरा भरोसा था।

यहां समझें रोल नंबर का खेल

बता दें यूपीएससी व किसी भी सरकारी परीक्षा के एडमिट कार्ड पर एक बारकोड दिया होता है, जिसे स्कैन करते ही अभ्यर्थी का नाम रोल नंबर शो हो जाता है। ऐसे में जब दोनों के एडमिट कार्ड को देखा गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी के गाजीपुर जिले की आकांक्षा के एडमिट कार्ड पर 0856794 रोल नंबर लिखा है। इस एडमिट कार्ड के बारकोड को जब स्कैन किया गया तो बिल्कुल समान रोल नंबर 0856794 शो हो रहा है। वहीं जब बिहार के आकांक्षा सिंह के बारकोड को स्कैन किया गया तो रोल नंबर अलग पाया गया। ऐसे में यूपी के गाजीपुर की आकांक्षा का पक्ष मजबूत माना जा रहा है।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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