UP Board's action against schools: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 465 निष्क्रिय विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। यूपी बोर्ड द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि कई विद्यालयों में लगातार दो शैक्षणिक सत्रों से न तो नियमित शिक्षण कार्य संचालित हो रहा था और न ही बोर्ड परीक्षाओं में कोई छात्र शामिल हुआ। बोर्ड ने इसे विद्यालयों की निष्क्रियता मानते हुए नियमानुसार उनकी मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया। प्रदेश स्तर पर कुल 465 विद्यालयों पर यह कार्रवाई की गई है। बोर्ड के इस फैसले के बाद जिले के शिक्षा जगत में हलचल मच गई है।
यूपी बोर्ड के नियमों के मुताबिक यदि किसी विद्यालय में लगातार दो वर्षों तक शिक्षण कार्य नहीं होता और बोर्ड परीक्षाओं में कोई परीक्षार्थी शामिल नहीं होता, तो उसकी मान्यता स्वतः समाप्त मानी जा सकती है। इसी प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई है।
बदायूं में 5 स्कूलों की मान्यता गई
बदायूं जिले में जिन विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है, उनमें हरविलास गोयल इंटर कॉलेज (उझानी), मौलाना आजाद हाई स्कूल (सहसवान), एसआरजीएस हाई स्कूल (करोलिया), सीएलडी हाई स्कूल (दातागंज) और जेएसएम इंटर कॉलेज (पचटौर) शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार इन विद्यालयों में छात्र संख्या बेहद कम या शून्य थी तथा लंबे समय से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित थीं। इसके चलते विभाग ने कार्रवाई का फैसला लिया है।
विभाग ने की अभिभावकों से अपील
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी विद्यालय में बच्चों का प्रवेश कराने से पहले उसकी मान्यता की स्थिति अवश्य जांच लें। अधिकारियों का कहना है कि बिना मान्यता वाले या निष्क्रिय विद्यालय छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर समस्या बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा मिलेगा।
