UGC NET Sociology Paper Leak Allegations: यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा एक बार फिर विवादों में आ गई है। इस बार सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र) विषय के प्रश्नपत्र को लेकर पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि परीक्षा से पहले एक दस्तावेज सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिसमें मौजूद कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते हैं। इन दावों के सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और सरकार इन मामलों को गंभीरता से नहीं ले रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से जुड़े दस्तावेज प्रसारित हुए हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट लिखकर मामला उठाया है।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने लिखा- पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई। यह PDF उस question paper setting की है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है। PDF के लगभग 90 सवाल Sociology के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था।

राहुल गांधी ने लगाए आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों का दावा है कि सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्र से जुड़े दस्तावेज परीक्षा से पहले उपलब्ध थे। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि कथित तौर पर यह पेपर लाखों रुपये में बेचा गया। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच की मांग तेज हो गई है।
एनटीए की ओर से नहीं आया बयान
फिलहाल NTA की ओर से पेपर लीक के आरोपों पर कोई अंतिम आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला देश की प्रमुख पात्रता परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। इससे पहले भी यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा को लेकर कई अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में टाइपिंग की गलतियां, खराब हिंदी अनुवाद और पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न पूछे जाने जैसी शिकायतें दर्ज कराई थीं।
