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Success Story: बिना कोचिंग जीवांश ने CBSE 10वीं में बनाए 97.4 प्रतिशत, जानें क्या थी उनकी स्ट्रैटजी

Success Story: सीबीएसई 10वीं परीक्षा का रिजल्ट 13 मई को जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा में राया के रहने वाले जीवांश भारद्वाज ने सेल्फ स्टडी के दम पर 97.4 प्रतिशत हासिल किए हैं। इस सफलता से जीवांश ने न केवल अपने परिवार वालों का सिर फक्र से ऊंचा किया, बल्कि देश के तमाम स्टूडेंट्स के लिए भी एक मिसाल पेश की है।

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Success Story

Success Story: सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट का इंतजार खत्म हो चुका है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं परीक्षा का रिजल्ट (CBSE 10th Result 2024) 13 मई को आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in और cbseresults.nic.in पर जारी कर दिया है। बोर्ड ने इस साल हाईस्कूल की टॉपर्स लिस्ट तो नहीं जारी की है। हालांकि, सीबीएसई के कई ऐसे छात्र हैं, जिनकी कामयाबी की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। ऐसी ही एक कहानी जीवांश भारद्वाज की भी है, जिन्होंने सेल्फ स्टडी और हार्डवर्क से सीबीएसई एग्जाम में सफलता का परचम लहराया है। जीवांश ने न केवल अपने परिवार वालों का सिर फक्र से ऊंचा किया, बल्कि देश के तमाम स्टूडेंट्स के लिए भी एक मिसाल पेश की है।

सीबीएसई 10वीं में किया कमाल

जीवांश भारद्वाज मथुरा के पास स्थित राया के रहने वाले हैं। वह कान्हा माखन पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में जीवांश ने 97.4 प्रतिशत हासिल किए हैं। जीवांश ने अपने पसंदीदी सब्जेक्ट मैथ्स में 94 अंक हासिल किए हैं। इंग्लिश में पकड़ कमजोर होने के बावजूद भी उनके 98 नंबर आए हैं। जीवांश रेग्यूलर सकूल जाने के साथ ही 4 से 5 घंटे अपनी पढ़ाई को देते थे। वहीं, क्लासेज बंद होने के बाद उन्होंने 8 से 9 घंटे का समय दिया था।

परिवार का रहा भरपूर सहयोग

सीबीएसई 10वीं की पढ़ाई के दौरान जीवांश को माता-पिता का भी भरपूर सहयोग मिला। बता दें कि जीवांश के पिता गौतम भारद्वाज प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। जबकि, उनकी मां हेमलता भारद्वाज एक स्कूल टीचर हैं। वहीं, उनके दादा गवर्मेंट स्कूल में प्रिंसिंपल रह चुके हैं। घर से स्कूल जाने में जीवांश को लगभग तीन घंटे लग जाते थे। ऐसे में एग्जाम से करीब 3 से 4 महीने पहले जीवांश ने अपने ताऊजी के पास मथुरा में ही रहकर परीक्षा की तैयारी करने का फैसला लिया, ताकि समय बर्बाद न हो और पढ़ाई को ज्यादा से ज्यादा समय दिया जा सके।

सेल्फ स्टडी और हार्ड वर्क

सीबीएसई 10वीं परीक्षा में मिली इस सफलता के लिए जीवांश ने पूरे साल सेल्फ स्टडी और हार्ड वर्क किया। उन्होंने 9वीं का सेशन खत्म होते ही 10वीं एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी थी। समर वेकेशन के दौरान ही जीवांश ने मैथ्स, साइंस और एसएसटी का आधा सिलेबस खत्म कर लिया था। कोचिंग की जगह वह यू-ट्यूब पर लेक्चर देखते और उससे अपने नोट्स तैयार करते थे। जीवांश अपने क्लासमेट्स को भी मैथ्स और साइंस पढ़ाते थे।

सैंपल पेपर्स किए सॉल्व

जीवांश ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने एग्जाम शुरू होने से दो महीने पहले ही सिलेबस पूरा कर लिया था। ऐसे में डेटशीट रिलीज होने के बाद उन्होंने सैंपल पेपर्स लगाने शुरू किए थे। ऑन एन एवरेज पर सब्जेक्ट 20 से 25 पेपर्स अटैंड किए। इसके अलावा मैथ्स के छह साल पुराने क्वेश्चन्स भी तैयार किए। वह कहते हैं कि मैथ्स में कई ऐसे टॉपिक्स हैं जो कि एक बार में समझ नहीं आते, ऐसे में स्टूडेंट्स को लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।

जेईई की तैयारी शुरू

सीबीएसई 10वीं में अच्छा स्कोर करने के लिए जीवांश ने 9वीं में यू-ट्यूब पर टॉपर्स के इंटरव्यू देखें और उनके टिप्स भी फॉलो किए। जीवांश अब 11वीं में पीसीएम विषयों को चुनेंगे। वह आगे चलकर आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं। ऐसे में उन्होंने अभी से जेईई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने कोचिंग भी स्टार्ट कर दी।

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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