Republic Day Flag Hoisting : गणतंत्र दिवस पर कैसे देते हैं तिरंगे को सम्मान, जानें ध्वजारोहण और ध्वज फहराने में अंतर
- Authored by: कुसुम भट्ट
- Updated Jan 26, 2026, 09:53 AM IST
Flag Hoisting and Flag Unfurling Difference : गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर होगा। राष्ट्रपति की मौजूदगी में परेड होती है जो भारत की सांस्कृतिक विविधता, रक्षा शक्ति और आधुनिक प्रगति को दिखाएगी। कार्यक्रम का प्रसारण पूरे देश में दिखाया जाता है। आज के दिन देश का हर एक नागरिक देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो जाता है। मगर कई लोगों को कन्फ्यूजन होती है कि आज ध्वजारोहण होता है या फिर ध्वज फहराया जाता है। कई लोग दोनों को एक ही समझ बैठते हैं। ऐसे में चलिये जानते हैं कि ध्वजारोहण और ध्वज फहराने में क्या अंतर है। 26 जनवरी यानी आज के दिन क्या किया जाता है।
difference between flag hoisting and flag unfurling
Flag Hoisting and Flag Unfurling Difference : 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू हुआ और भारत ने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में एक नया अध्याय शुरू किया। 2026 यानी आज के दिन भारत की ये यात्रा 77 साल की हो जाएगी और पूरे देश में गर्व के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों, सरकारी इमारतों और विदेशों में भारतीय दूतावासों में झंडा फहराने और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मगर कई लोग ध्वज फहराने और ध्वजारोहण को एक ही समझ बैठते हैं। ऐसे में चलिये हम आपको बताते हैं कि दोनों के बीच में क्या फर्क है...
क्या आप जानते हैं ध्वजारोहण और ध्वज फहराने में फर्क ? Difference Between Flag Hosting and Unfurling
बता दें कि 26 जनवरी के दिन ध्वजारोहण नहीं होता। अगर आपको भी इस बात में कन्फ्यूजन है तो ये ध्यान में रखें कि गणतंत्र दिवस पर झंडा खोलकर फहराया जाता है, जिसे 'झंडा फहराना' (Flag Unfurling) कहा जाता है। स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण होता है। इस दिन झंडा नीचे से रस्सी खींचकर ऊपर ले जाया जाता है और फिर फहराया जाता है। इसे 'ध्वजारोहण' (Flag Hoisting) कहते हैं। 1947 में ब्रिटिश झंडे के उतरने और भारत के तिरंगे के ऊपर चढ़ने का प्रतीक है।
15 अगस्त को कैसे देते हैं तिरंगे को सम्मान ?
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमंत्री रस्सी खींचकर इसे नीचे से ऊपर ले जाते हैं और फिर झंडा खोलकर फहराया जाता है। इसे प्लैग होस्टिंग कहा जाता है।
गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम Republic day 2026
झंडा फहराने का कार्यक्रम आमतौर पर सुबह होता है। स्कूलों में ये कार्यक्रम 8 से 9 बजे के बीच होता है, जबकि दफ्तरों और सोसायटियों में झंडा 7.30 से 10 बजे के बीच फहराया जाता है। कार्यक्रम दोपहर से पहले राष्ट्रगान, भाषण और मिठाई बांटने के साथ पूरा हो जाता है। इस साल की परेड की थीम 'वंदे मातरम' की महिमा से जुड़ी है। झांकियों, संगीत प्रदर्शनों और खास विजुअल्स के जरिए आजादी की भावना और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया जाएगा।
इस बार कौन है मुख्य अतिथि ? Republic Day 2026 Guest
इस बार यानी 2026 में गणतंत्र दिवस पर भारत ने यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत यात्रा पर रहेंगे।
जानें गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खास बातें...
- भारत में 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू हुआ था।
- इस दिन भारत ने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी यात्रा शुरू की।
- यह यात्रा 2026 में 77 साल पूरी करेगी।
- पूरे देश में गर्व के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।
- स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों, सरकारी इमारतों और विदेशों में भारतीय दूतावासों में झंडा फहराने और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
26 जनवरी साल 1950 को देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ देश का झंडा फहराकर भारत को एक पूर्ण गणतंत्र घोषित किया। इसलिये आज के दिन पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाता है।