Rajasthan State Open School Result: राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल रिजल्ट जारी, छात्र डायरेक्ट लिंक से करें चेक
- Authored by: कुसुम भट्ट
- Updated Feb 14, 2026, 07:21 AM IST
Rajasthan State Open School Result: राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। कक्षा 10वीं का कुल पासिंग पर्सेंटेज 50.13 रहा, वहीं छात्राओं का पासिंग पर्संटेज कुल 51.89 रहा। छात्र अपना परिणाम विभागीय वेबसाइट https://rsosadmission.rajasthan.gov.in/rsos/ पर जाकर देख सकते हैं।
Rajasthan State Open School
Rajasthan State Open School Result 2026: राजस्थान ओपन स्कूल 10वीं और 12वीं परीक्षा के नतीजे घोषित हो चुके हैं। राज्य शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणामों की घोषणा की । शिक्षा मंत्री ने रिजल्ट की घोषणा करते हुए सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस मौके पर राजस्थान ओपन स्टेट स्कूल की निदेशक अनुपमा जोरवाल, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक अशोक कुमार मीणा, सचिव अरुणा शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कितने छात्र-छात्राएं हुए पास ?
बताते चलें कि परीक्षा परिणाम में कक्षा 10 में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा छात्र पास होने के साथ-साथ छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा है। कक्षा 10 में कुल 18101 परीक्षार्थी रजिस्टर हुए थे, जिसमें से 9074 छात्र पास हुए हैं। कक्षा 10वीं का कुल पासिंग पर्सेंटेज 50.13 रहा, वहीं कक्षा 12वीं का पासिंग पर्संटेज कुल 46.28 रहा। छात्र अपना परिणाम विभागीय वेबसाइट https://rsosadmission.rajasthan.gov.in/rsos/ पर जाकर देख सकते हैं।
क्या बोले शिक्षा मंत्री ?
मंत्री ने साफ किया कि राजस्थान स्टेट ओपन बोर्ड स्कूल में फेल करने की अवधारणा नहीं है। यहां पर अगर कोईछात्र परीक्षा पास करने से रह जाता है तो उसे दोबारा एग्जाम देने का मौका मिलता है। ऐसे में छात्र यहां पर सिर्फ पास होते हैं या फिर आंशिक पास। वहीं स्टेट ओपन स्कूल की तरफ से छात्रों की एग्जाम कॉपी ऑनलाइन चेक की जा रही है। इसी प्रणाली को जल्द सीबीएसई बोर्ड अपनाने जा रहा है। साथ ही आरबीएसई भी इस सिस्टम को अपनाए, इसपर विचार चल रहा है।
छात्राओं ने किया बेहतर प्रदर्शन
बताते चलें कि इस बार का रिजल्ट काफी चर्चा में है क्योंकि इस बार छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि ओपन स्कूल प्रणाली उन स्टूडेंट्स के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर देती है, जो किसी वजह से नियमित स्कूली शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
