एजुकेशन

फरीदकोट पेपर लीक मामले में दोबारा परीक्षा की मांग, अगली सुनवाई तक फार्मेसी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर रोक

पंजाब में फॉर्मेसी अफसर भर्ती को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 454 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।

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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Pharmacy Officer Recruitment: पंजाब में फॉर्मेसी अफसर भर्ती को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 454 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत का यह आदेश फारिदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षा में कथित हाईटेक नकल और पेपर लीक के आरोपों के बीच आया है। अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को होगी। 17 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर इस मामले में महत्वपूर्ण दिशा सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल 454 Pharmacy Officer पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक लग चुका है और अभ्यर्थियों की नजर अब हाईकोर्ट के अगले आदेश पर टिकी है।

दरअसल, फॉर्मेसी अफसर के 454 पदों पर भर्ती के लिए 19 जुलाई 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कथित तौर पर संगठित तरीके से नकल कराने का मामला सामने आया। पंजाब पुलिस ने एक अंतरराज्यीय नकल गिरोह का खुलासा करने का दावा किया था। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के अंदर छिपे हुए कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर भेजीं और वहां से उत्तर हासिल किए।

मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने भर्ती प्रक्रिया के आगे के चरणों पर रोक लगा दी है। इसका मतलब है कि फिलहाल रिजल्ट, नियुक्ति और चयन से जुड़ी आगे की कार्रवाई अदालत के अगले आदेश तक आगे नहीं बढ़ सकेगी। अदालत ने मामले में पंजाब सरकार को नोटिस भी जारी किया है।

सरकार की ओर से इसे पारंपरिक अर्थों में पेपर लीक के बजाय हाईटेक चीटिंग का मामला बताया गया है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं, उससे पूरी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। इस पूरे विवाद ने परीक्षा की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर भी बहस छेड़ दी है। अभ्यर्थियों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि परीक्षा रद्द होगी या मौजूदा परीक्षा के आधार पर ही भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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