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पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा पर हाईकोर्ट सख्त, CBI से मांगा जवाब, 454 पदों की भर्ती पर उठे सवाल

पंजाब स्वास्थ्य विभाग में 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। परीक्षा में कथित नकल, पेपर लीक और संगठित गिरोह के आरोपों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब स्वास्थ्य विभाग में फार्मेसी ऑफिसर के 454 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 19 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 7 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी। परीक्षा पंजाब के फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर में 25 केंद्रों पर कराई गई थी। परीक्षा का आयोजन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से किया था।

अब 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। परीक्षा में कथित नकल, पेपर लीक और संगठित गिरोह के आरोपों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है।

अब हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में पुलिस की जांच पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि 19 जुलाई को पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट और 20 जुलाई को दर्ज एफआईआर में आरोपियों के नामों में अंतर है। याचिका में परीक्षा अधिकारियों को क्लीन चिट दिए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया गया है।

मामला सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने एक कथित अंतरराज्यीय नकल गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। पुलिस कार्रवाई में कई आरोपियों और अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी की गई थी। जांच में वायरलेस डिवाइस, पेन कैमरा और परीक्षा के दौरान रियल टाइम डिक्टेशन जैसे तरीकों के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए थे। पुलिस ने हालांकि परीक्षा आयोजित कराने वाले अधिकारियों की भूमिका में पेपर लीक या मिलीभगत का ठोस सबूत नहीं मिलने की बात कही थी।

याचिकाकर्ताओं ने पूरे मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और कथित रूप से प्रभावित परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। इससे पहले हाईकोर्ट भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी निर्देश दे चुका है और आगे की चयन प्रक्रिया को मामले के नतीजे के अधीन रखा गया था। अब सीबीआई का जवाब आने के बाद हाईकोर्ट इस मामले में आगे की दिशा तय करेगा। फिलहाल 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों की भर्ती प्रक्रिया अभ्यर्थियों के लिए कानूनी विवाद के कारण अनिश्चित बनी हुई है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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