Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पहल ‘परीक्षा पे चर्चा’ (Pariksha Pe Charcha) ने एक नया इतिहास रच दिया है। 30 दिसंबर 2025 तक इस कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि परीक्षा से जुड़े तनाव और मानसिक दबाव को लेकर देश भर में जागरूकता कितनी तेजी से बढ़ रही है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के मन से डर निकालने और उन्हें आत्मविश्वास से भरने का एक सशक्त मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे संवाद के जरिए छात्रों को यह संदेश देते हैं कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक पड़ाव है। यही वजह है कि आज यह पहल एक राष्ट्रीय जन आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें देश के कोने-कोने से छात्र, शिक्षक और माता-पिता उत्साह के साथ जुड़ रहे हैं।
छात्र–अभिभावक–शिक्षक: तीनों की एकजुट भागीदारी
‘परीक्षा पे चर्चा’ की खास बात यह है कि इसमें केवल छात्र ही नहीं, बल्कि अभिभावक और शिक्षक भी बराबरी से शामिल होते हैं। इससे परीक्षा को लेकर घर और स्कूल दोनों जगह सकारात्मक माहौल बनता है। कार्यक्रम छात्रों को तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण जैसे अहम विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देता है।
PPC 2026: 1 दिसंबर से शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन
परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 दिसंबर 2025 से MyGov पोर्टल पर शुरू किए गए हैं। इस आयोजन का नेतृत्व शिक्षा मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग करता है। हर साल यह कार्यक्रम छात्रों के बीच बेहद उत्साह और उम्मीद के साथ देखा जाता है।
नई शिक्षा सोच की मजबूत नींव
तीन करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन यह साबित करते हैं कि भारत का युवा अब परीक्षा को डर नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में देख रहा है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ नई शिक्षा सोच को मजबूती दे रही है, जहां मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को उतनी ही अहमियत दी जा रही है जितनी अंकों को। ‘परीक्षा पे चर्चा’ अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के भविष्य को मजबूत करने वाला आंदोलन बन चुका है। छात्रों के मन से तनाव हटाकर उन्हें सकारात्मक सोच देना यही इसकी सबसे बड़ी सफलता है। परीक्षा पे चर्चा 2026 में भाग लेने के लिए MyGov पोर्टल पर अभी रजिस्ट्रेशन करें।
