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Periodic Table: अब 11वीं के छात्र पढ़ेंगे पीरियोडिक टेबल, NCERT ने मामले पर ट्वीट कर दी सफाई

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Jun 3, 2023, 05:44 PM IST

Periodic Table: पीरियोडिक टेबल को केमिस्ट्री में सबसे कठिन माना जाता था, इसे याद करना काफी मुश्किल होता है। वहीं शिक्षकों का कहना है कि, पीरियोडिक टेबल केमिस्ट्री का आधार है, ये तत्वों की एक व्यवस्थित समझ प्रदान करता है।

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Periodic Table: NCERT ने मामले पर ट्वीट कर दी सफाई।

Periodic Table: कक्षा 10 की केमिस्ट्री की पाठ्यपुस्तकों से पीरियोडिक टेबल (Periodic Table) को कथित रूप से हटाने पर व्यापक आलोचना के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने अब एक स्पष्टीकरण जारी किया है। एनसीईआरटी (NCERT) ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि विषय को पाठ्यक्रम से हटाया नहीं गया है, बल्कि छात्रों पर दबाव कम करने के लिए इसे कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में स्थानांतरित कर दिया गया है। एनसीईआरटी ने ट्वीट (Tweet) कर कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने एनसीईआरटी की किताब से पीरियोडिक टेबल को हटाने की खबर दी। ये दावे भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। महामारी के दौरान छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सामग्री के भार को कम करने के लिए पाठ्यपुस्तकों का युक्तिकरण एक आवश्यकता-आधारित अभ्यास था।

स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम से नहीं हटाया गया पीरियोडिक टेबल- NCERT

वहीं अपने दूसरे ट्वीट में एनसीईआरटी ने कहा कि पीरियोडिक टेबल को स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम से नहीं हटाया गया है, लेकिन वास्तव में कक्षा 11वीं की पाठ्यपुस्तक की इकाई 3 - "तत्वों का वर्गीकरण और गुणों में आवधिकता" (पृष्ठ 74-99) में बहुत विस्तार से उपलब्ध है। एवोल्यूशन पर एक पूरा अध्याय है [अध्याय 6 - "एवोल्यूशन", कक्षा 12वीं एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 110-126] जो एवोल्यूशन की अवधारणा और चार्ल्स डार्विन के विकास के सिद्धांत को बहुत विस्तार से बताता है।

बता दें पीरियोडिक टेबल को केमिस्ट्री में सबसे कठिन माना जाता था, इसे याद करना काफी मुश्किल होता है। वहीं शिक्षकों का कहना है कि, पीरियोडिक टेबल केमिस्ट्री का आधार है, ये तत्वों की एक व्यवस्थित समझ प्रदान करता है। हाल ही में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 10वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों से पीरियोडिक टेबल के साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान, लोकतंत्र की चुनौतियों और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन के अध्यायों को हटा दिया है।

एनसीईआरटी ने विशेषज्ञ सिफारिशों के आधार पर पाठ्यक्रम को ‘‘युक्तिसंगत’’ बनाने की कवायद के हिस्से के रूप में पिछले साल इन बदलावों की घोषणा की। अब नये शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकों में बदलावों को लागू किया गया है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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