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NCERT ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब से हटाया मैप, जानें क्या था विवाद ?

NCERT ने कक्षा 8 की सोशल साइंस बुक से एक मैप को हटा दिया है। इसी साल अगस्त के महीने में जैसलमेर के आखिरी शाही परिवार के सदस्य चैतन्य राज सिंह ने मैप को गुमराह करने वाला बताया था। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NCERT से मैप को तुरंत ठीक करने की अपील की थी। NCERT Social Science Book Controversy, NCERT Controversy

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NCERT Controversy

NCERT Social Science Book Controversy : नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब से एक मैप हटा दिया है। विवादों को देखते हुए NCERT ने नए एकेडमिक साल (2025-26) के लिए मैप हटाने का फैसला किया। ये मैप इसलिए विवादों में था क्योंकि मैप में जैसलमेर रियासत को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाया गया था। साल 2025 के अगस्त महीने में ये मुद्दा जैसलमेर के आखिरी शाही परिवार के सदस्य चैतन्य राज सिंह ने उठाया था, जिन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NCERT से मैप को तुरंत ठीक करने की अपील की थी। सिंह ने दावा किया था कि मैप ऐतिहासिक रूप से गुमराह करने वाला और असलियत के हिसाब से गलत है।

क्या है पूरा मामला ?

सिंह ने X पर एक पोस्ट में कहा था कि ऐसी बिना वेरिफाई और इतिहास की बिना सबूत वाली जानकारी न सिर्फ NCERT जैसे इंस्टीट्यूशन के भरोसे पर सवाल उठाती है, बल्कि हमारे शानदार इतिहास और लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाती है। ये मामला सिर्फ टेक्स्टबुक की गलती नहीं है, बल्कि हमारे पुरखों के बलिदान, आजादी और बहादुरी की कहानी को खराब करने की कोशिश लगती है।

तुरंत कार्रवाई की थी मांग

जैसलमेर रियासत के मामले में, किसी भी असली ऐतिहासिक सोर्स में मराठा दबदबे, हमले, टैक्स या अधिकार का जिक्र नहीं है। इसके उलट, हमारे शाही रिकॉर्ड साफ तौर पर बताते हैं कि मराठों का जैसलमेर रियासत में कभी कोई दखल नहीं था।

उन्होंने ट्वीट में कहा कि ये सिर्फ फैक्ट्स में सुधार का मामला नहीं है, बल्कि हमारी ऐतिहासिक गरिमा, आत्म-सम्मान और नेशनल करिकुलम की ईमानदारी से जुड़ा है। इस मामले में तुरंत और ठोस कार्रवाई की उम्मीद है।

'माफी मांगे NCERT'

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात को कन्फर्म करते हुए, महारावल चैतन्यराज सिंह ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एकेडमिक इंस्टीट्यूशन से उम्मीद की जाती है कि वे स्टूडेंट्स को सही और असली जानकारी दें। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसलमेर फोर्ट पैलेस म्यूजियम के डायरेक्टर देवेंद्र प्रताप सिंह ने इस कदम को एक अच्छा कदम बताया, लेकिन साथ ही कहा कि NCERT को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि पहले के चित्रण से कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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