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CUSAT Menstruation Benefit: लड़कियों को मेंस्ट्रुएशन बेनिफिट के तहत मिलेगी अटेंडेंस में छूट, देखें क्या है पूरा मामला

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Jan 14, 2023, 01:14 PM IST

Menstruation Benefit: केरल में एक उच्च शिक्षा संस्थान में लड़कियों के लिए एक अनोखा व शानदार कदम लिया गया है। कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (क्यूसैट) में लड़कियां "मेंस्ट्रुएशन बेनिफिट" के तहत प्रत्येक सेमेस्टर में अटेंडेंस की कमी के लिए 2% अतिरिक्त छूट का दावा कर सकती हैं।

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लड़कियों को मेंस्ट्रुएशन बेनिफिट के तहत मिलेगी अटेंडेंस में छूट

केरल में एक उच्च शिक्षा संस्थान में लड़कियों के लिए एक अनोखा व शानदार कदम लिया गया है। Cochin University of Science and Technology (Cusat) में लड़कियां "मेंस्ट्रुएशन बेनिफिट" (Menstruation Benefits) के तहत प्रत्येक सेमेस्टर में अटेंडेंस की कमी के लिए 2% अतिरिक्त छूट का दावा कर सकती हैं।

बता दें, कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (क्यूसैट) के नियम में परीक्षा में बैठने के लिए प्रत्येक सेमेस्टर में 75% उपस्थिति अनिवार्य है। अब इस नए आदेश के बाद 75 प्रतिशत की जगह 73% अटेंडेंस होने पर भी लड़किया परीक्षाएं दे सकती हैं।।

छात्र संघ की अध्यक्ष नमिता जॉर्ज ने कहा-

यह आदेश 11 जनवरी 2023 को जारी किया गया है, जिसके तहत Cochin University of Science and Technology में पीएचडी सहित विभिन्न स्ट्रीमों में 4,000 से अधिक महिला छात्रों इस सुविधा का लाभ मिलेगा। छात्र संघ की अध्यक्ष नमिता जॉर्ज ने खुशी जाहिर की और इसे "अति आवश्यक" निर्णय बताया। छात्र संघों ने प्रत्येक सेमेस्टर में एक निश्चित संख्या "मासिक धर्म की छुट्टी" की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस तरह की राहत देने में "प्रैक्टिकल दिक्क्तों" का हवाला दिया था और इसके बजाय अटेंडेंस की कमी को माफ करने का सुझाव दिया, लेकिन अब इसे यूनियनों ने स्वीकार कर लिया है।

क्यों जरूरी था यह फैसला

आदेश में कहा गया है, "वीसी ने प्रत्येक सेमेस्टर में महिला छात्रों की उपस्थिति में कमी के लिए अतिरिक्त 2% की मंजूरी देने का आदेश दिया है।"

इस फैसले के बाद केरल यूनिविर्टीज की महिला छात्रों को मासिक धर्म की वजह से होने वाली अटेंडेंस शॉर्टेज की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। गौरतलब है कि अभी एक निश्चित उम्र के आसपास लड़कियों को मासिक धर्म यानी पीरियड्स की समस्या होती है। इन दिनों में उनका स्वास्थ्य सामान्य नहीं रहता है, जिसके चलते उनकी दैनिक कार्य प्रभावित होता है। ऐसे में उन्हें पढ़ने जाने के लिए भी काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ता था।

केरल विश्वविद्यालय में प्रत्येक सेमेस्टर में 75% उपस्थिति अनिवार्य है, ऐसे में यह फैसला लड़कियों या महिलाओं के स्वास्थ्य को देखते हुए वाकई एक शानदार कदम है।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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