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Kaamya Karthikeyan On Everest: 12वीं की छात्रा काम्या ने रचा इतिहास, नेवी कमांडर पिता के साथ एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा

Kaamya Karthikeyan Everest Submission: झारखंड की रहने वाली काम्य कार्तिकेयन ने एवरेस्ट फतेह करके इतिहास रच दिया है। सिर्फ 16 की उम्र में ही काम्या ने अपने नेवी कमांडर पिता के साथ एवरेस्ट पर तिरंगा लहराया है। इस उपलब्धि के बाद नेपाल की तरफ से दुनिया की सबसे ऊंची चोंटी पर पहुंचने दूसरी सबसे कम उम्र की लड़की बन गई हैं। वहीं, सबसे कम उम्र की भारतीय पर्वतारोही हो गई हैं।

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एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली काम्य कार्तिकेयन

Photo : ANI

Kaamya Karthikeyan On Everest: कहते हैं अगर इरादे नेक हो और कुछ करने की ठान ली जाए तो मुकाम जरूर हासिल होता है। 16 साल की उम्र में 12वीं के छात्र जहां पढ़ाई और बोर्ड एग्जाम की तैयारी में लगे रहते हैं वहीं, झारखंड की रहने वाली काम्य कार्तिकेयन ने एवरेस्ट फतेह करके इतिहास रच दिया है। सिर्फ 16 की उम्र में ही काम्या ने अपने नेवी कमांडर पिता के साथ एवरेस्ट पर तिरंगा लहराया है। इस उपलब्धि के बाद नेपाल की तरफ से दुनिया की सबसे ऊंची चोंटी पर पहुंचने दूसरी सबसे कम उम्र की लड़की बन गई हैं। वहीं, सबसे कम उम्र की भारतीय पर्वतारोही हो गई हैं। आइए उनकी इस सफर पर एक नजर डालते हैं।

Kaamya Karthikeyan Everest Journey: कैसे किया फतह?

झारखंड की रहने वाली काम्या कार्तिकेयन महज 16 साल की हैं। वो 12वीं की छात्रा हैं। मुंबई के नेवी चिल्ड्रन स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा है। काम्या ने 8849 मीटर की चढ़ाई कर डाली है। काम्या कार्तिकेयन अपने पिता एस कार्तिकेयन के साथ रविवार (19 मई 2024) की देर रात फाइनल समिट के लिए बेस कैंप-4 से निकली थीं।

रविवार को ही पिता-पुत्री की यह जोड़ी बेस कैंप-4 पहुंच गई। इनका समिट 6 अप्रैल को काठमांडू से शुरू हुआ था। माउंट एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने का यह 7 सप्ताह का अभियान था। टाटा स्टील फाउंडेशन की पर्वतारोही काम्या ने भारतीय समय के मुताबिक, सोमवार (20 मई) को दिन में 12:35 बजे एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा लहराया।

मौसम का रखना होता है खास ध्यान

माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करते समय मौसम का खास ध्यान रखना होता है। हर घंटे मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। अगर मौसम खराब हो जाए, तो पर्वतारोहियों को बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इन कठनाईयों को पार पाकर काम्या कार्तिकेयन और नेवी कमांडर पिता एस कार्तिकेयन ने यह मुकान हासिल किया है।

पीएम मोदी ने की थी तारीफ

साल 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में काम्या कार्तिकेयन की तारीफ की थी। महज 12 साल की उम्र में उन्होंने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट एकॉन्कागुआ फतह करके सभी को चौंका दिया था। यह चोटी एशिया के बाहर सबसे ऊंची चोटी है। 6962 मीटर की ऊंचाई वाली माउंट एकॉन्कागुआ चोटी पर काम्या ने 1 फरवरी, 2020 को फतह किया और भारत का तिरंगा लहराया था।

Ravi Mallick
Ravi Mallickauthor

<p>सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी का रहने वाला हूं। यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए लखनऊ आया और स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली।पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा। डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला से हुई। इस दौरान कोरोना महामारी में जूझ रही जिंदगियों को देखा, उसके बारे में लिखा और लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।साल 2020 से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़ा रहा। यहां शुरुआत दूनिया की खबरों से हुई। फ‍िर एजुकेशन सेक्शन के साथ काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए। रोजगार, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट पर काम करने का मौका मिला। स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है। युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है। बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता है। फरवरी 2024 से Times Network में timesnowhindi.com के एजुकेशन टीम के साथ जुड़ा हूं।</p>

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