Jharkhand Education News: झारखंड राज्य के 12वीं छात्रों के लिए बड़ी खबर है। राज्य के सरकारी (अंगीभूत) डिग्री कॉलेजों में अब 12वीं के छात्र नामांकन नहीं करा पाएंगे। ये नियम सत्र 2025-27 से शुरू होगा, बड़ी बात ये है कि ये खबर तीनों संकाय यानी आटर्स, साइंस, कॉमर्स के लिए है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने हाल ही में झारखंड के सभी उपायुक्तों को इस संबंध में पत्र के माध्यम से जानकारी दी है। इस निर्णय के तहत राज्य के 9 विश्वविद्यालयों के अधीन 64 अंगीभूत डिग्री कॉलेजों में अब 12वीं की पढ़ाई नहीं होगी।
इससे पिछले सत्र यानी 2024-26 में रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने अपने 14 अंगीभूत कॉलेजों में 12वीं परीक्षा के पास आउट छात्रों के नामांकन पर रोक लगाई थी। जाहिर है मामला बड़ा है, इसलिए इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला झारखंड हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा।
17 जनवरी को आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 17 जनवरी 2025 को रांची यूनिवर्सिटी के पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि, इस दौरान रांची पूनिवर्सिटी के तीन कॉलेजों में 12वीं में नामांकन हो चुका था। इन छात्रों को जिला शिक्षा पदाधिकारी, रांची की पहल पर प्लस टू हाईस्कूलों में स्थानांतरित किया गया। लेकिन अन्य विश्वविद्यालयों के कॉलेजों में पहले की तरह नामांकन जारी रहा।
इधर, स्कूली शिक्षा सचिव ने पत्र में कहा कि NEP-2020 और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में यह निर्णय लिया गया है। राज्यपाल सह कुलाधिपति ने भी विश्वविद्यालयों को 12वीं में नामांकन बंद करने का निर्देश दिया था। अब कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को 5 किमी के दायरे में स्थित इंटर कॉलेज में भेजा जाएगा।
क्या होगा इस फैसले का असर
इस फैसले से झारखंड के उच्य शिक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव लाने जाने की कोशिश है। डिग्री कॉलेज अब केवल स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई पर ध्यान देंगे। इंटरमीडिएट की जिम्मेदारी प्लस टू स्कूलों और विशेष इंटर कॉलेजों पर होगी।
