Jainendrajeet Motivational Success Story: हर साल 10वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद लाखों छात्र अपने अंकों के आधार पर खुद को आंकने (Jainendrajeet Motivational Success Story) लगते हैं। कुछ छात्रों के कम मार्क्स आने पर उनका आत्म विश्वास टूट (Jainendrajeet Success Story) जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि किसी एक परीक्षा का परिणाम किसी व्यक्ति की क्षमता या भविष्य तय नहीं कर सकती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने का जज्बा हो तो खराब शुरुआत भी व्यक्ति को उसकी मंजिल तक पहुंचा सकती है। यह लाइन IIT बॉम्बे के छात्र जैनेंद्रजीत पर सटीक बैठती है। जैनेंद्रजीत अभी आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रहे हैं। बता दें उन्होंने कक्षा 10वीं में 54% मार्क्स हासिल किए थे। मैथ्स में उनके मात्र 100 में से 41 और साइंस में 100 में से 48 नंबर थे।
आमतौर पर ऐसे परिणाम के बाद छात्रों का हौसला टूट जाता है, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाए लगातार कड़ी मेहनत मेहनत की और कुछ ही वर्षों बाद देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 349 हासिल कर IIT बॉम्बे के कंप्यूटर साइंस विभाग तक पहुंच गए।
Jainendrajeet Success Story: जेईई मेन में 99.98 परसेंटाइल और एडवांस्ड में 349वीं रैंक
बता दें जैनेंद्रजीत की शुरुआती पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV),वृंदावन से हुई। 10वीं के बाद वह इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जेईई एडवांस्ड की तैयारी में लग गए। साल 2023 में उनकी मेहनत रंग लाई जब उन्होंने JEE मेन में शानदार 99.98 परसेंटाइल हासिल किए। इसके बाद उन्होंने जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में AIR 349 और ओबीसी कैटेगिरी में 54वीं रैंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लिया।
बेंगलुरु की इस कंपनी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में इंटर्न
यहां उन्होंने सिर्फ अकादमिक पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि नई तकनीकों को समझने, प्रोजेक्ट्स पर काम करने और अपने टेक्निकल स्किल्स को मजबूत बनाने पर भी लगातार मेहनत की। पढ़ाई के साथ उन्होंने इंडस्ट्री का अनुभव हासिल करने पर भी जोर दिया। दिसंबर 2025 में उन्होंने बेंगलुरु स्थित हेल्थ-टेक कंपनी Loop Health में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग इंटर्न के रूप में काम किया। इसके अलावा उन्होंने Kimbal में भी समर इंटर्नशिप पूरी की, जहां उन्होंने अपनी तकनीकी समझ और प्रोग्रामिंग कौशल को और बेहतर बनाया।
लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा
जैनेंद्रजीत की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो किसी एक परीक्षा में असफलता मिलने या कम मार्क्स आने पर निराश हो जाते हैं और अपने लक्ष्य से पीछे हट जाते हैं। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ने का साहस हो तो कोई भी छात्र अपनी पहचान बदल सकता है।
