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International Students Day 2025: कब और क्यों मनाते हैं अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

International Students Day: हर साल दुनियाभर में 17 नवंबर के मौके को इंटरनेशनल छात्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। ये मौका हर छात्र में निहित साहस , लचीलापन और बदलाव की शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालता है। चलिये जानते हैं इंटरनेशनल स्टूडेंट डे का महत्व और इतिहास और इस दिन से जुड़े सभी सवालों के जवाब

International Students Day 2025

International Students Day 2025

International Students Day 2025: हर साल 17 नवंबर को इंटरनेशनल स्टूडेंट डे मनाया जाता है। विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, शिक्षा और स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस दिन को मनाया जाता है। छात्र किसी भी राष्ट्र का भविष्य होते हैं और ऐसे में दुनियाभर में उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए हर साल छात्र दिवस मनाया जाता है। ये मौका हर छात्र में निहित साहस , लचीलापन और बदलाव की शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालता है।

क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस? (Why is International Students Day celebrated)

हर साल 17 नवंबर को इंटरनेशनल स्टूडेंट डे मनाया जाता है। इसे दुनियाभर के विद्यार्थियों के अधिकारों और हितों की रक्षा और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। खासतौर पर छात्रों के संघर्षों और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए इस दिवस को मनाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस का इतिहास (International Students Day History)

बताते चलें कि अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस 1939 में नाजी हमले के खिलाफ विरोध करने वाले चेकोस्लोवाक छात्रों की याद में आयोजित किया जाता है। ये दिन शिक्षा और समाज के लिए छात्रों के संघर्ष और उनके योगदान को समर्पित है। प्राग में साल 1939 में एक विश्वविद्यालय में नाजी आक्रमण हुआ था। इस दौरान नाजियों ने लगभग 1 हजार छात्रों को कैद कर लिया था और यूनिवर्सिटी को भी बंद कर दिया। इस हमले में कई छात्रों की मौत हो गई और कईयों को प्रताड़ना दी गई। ऐसे में इस दिन को उस नाजी आक्रमण की सालगिरह के तौर पर मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस का उद्देश्य (Why we Celebrates International Students)

इस दिन का उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों, स्वतंत्रता और शिक्षा के समान अवसरों के प्रति जागरूक करना है। साथ ही ये छात्रों के संघर्षों और सामाजिक राजनीतिक योगदान को भी सम्मानित करता है। ये दिन छात्रों को प्रेरित करता है कि वे अपने अधिकारों के प्रति आवाज उठाएं। छात्रों के लिए उनके अधिकारों को समझना बेहद जरूरी है।

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कुसुम भट्ट
कुसुम भट्ट Author

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्... और देखें

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