Indian Railway Loco Pilot Selection Process: रेल का इंजन देखकर यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि ट्रेन को चलाया कैसे जाता है। रेलवे में लोको पायलट या ट्रेन के ट्राइवर किस तरह से काम करते हैं? साथ ही लोको पायलट बनने के लिए किस सब्जेक्ट की पढ़ाई करनी होती है। आइए आज ऐसे ही कुछ सवालों का जवाब जानते हैं।
हाल ही में इंडियन रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट के 5696 खाली पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी हुआ था। इस भर्ती के लिए 20 जनवरी 2024 से 19 फरवरी 2024 तक आवेदन लिए गए हैं। लोको पायलट की भर्ती कैसे होती है और इसके लिए क्या योग्यता चाहिए आइए विस्तार से जानते हैं।
कैसे बनते हैं लोको पायलट?
लोको पायलट का चयन डायरेक्ट नहीं होता है। सबसे पहले असिस्टेंट लोको पायलट के पदों पर भर्तियां होती हैं। सेलेक्शन के बाद ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सहायक लोको पायलट के रूप में तैनाती देने का प्रावधान है। नए भर्ती वाले युवाओं को सबसे पहले मालगाड़ी संचालन की जिम्मेदारी दी जाती है। मालगाड़ी चलाना भी ट्रेनिंग का ही हिस्सा होता है। इसमें बेहतर काम करने के बाद ही पैसेंजर ट्रेन चलाने का मौका मिलता है.
कैसे होती है परीक्षा?
असिस्टेंट लोको पायलट के पद पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान, गणित, करंट अफेयर्स और रीजनिंग आदि से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इसके अलावा जनरल नॉलेज और करंट अफेयर्स के सवाल भी होते हैं। अब तक हुए एग्जाम में 120 वस्तुनिष्ठ सवाल पूछे जाते रहे हैं। बता दें कि, इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग से रिजल्ट तैयार होता है। हर एक गलत उत्तर पर एक चौथाई नंबर कट सकता है।
आंखों की जांच
लोको पायलट भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं को मेडिकल टेस्ट में शामिल होना होता है। लोको पायलट के आंखों की जांच और साइकॉमेट्रिक टेस्ट जरूर होता है। इसमें कोई चूक बोर्ड नहीं कर सकता है। यह टेस्ट इसलिए महत्वपूर्ण होते हैं की ट्रेन ड्राइवर के हाथ में हजारों जिंदगियां होती हैं। ड्राइवर की मामूली चूक से बड़े हादसे हो सकते हैं।
