SEMICON India 2026 Explained : भारत अब सिर्फ सेमीकंडक्टर बनाने के वादे नहीं कर रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर चिप फैक्ट्रियां शुरू कर रहा है। 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' थीम के साथ SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि - इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (IICC) में होने जा रहा है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह सम्मेलन भारत के लिए सिर्फ एक सालाना टेक-ईवेंट भर नहीं है, बल्कि देश को वैश्विक चिप मैन्युफैक्चरिंग के नक्शे पर एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में पेश करने का एक बड़ा प्लेटफॉर्म है। भारत अपने सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) के पहले चरण में मिली सफलता को दुनिया के सामने पेश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ 'SEMICON 2.0' के जरिए पूरे इकोसिस्टम को नया विस्तार देने की तैयारी में है।
3 प्लांट में काम शुरू, 6 और कतार में
भारत की चिप पॉलिसी कागजों से निकलकर अब असल दुनिया में कदम रख चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के मुताबिक, सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 (ISM 1.0) के तहत मंजूर की गई 12 परियोजनाओं में से 3 बड़े चिप प्लांट्स ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है और यहां बने प्रोडक्ट्स का निर्यात भी शुरू हो चुका है। इस दिशा में पहला प्लांट 28 फरवरी को शुरू हुआ था। साल के अंत तक देश में 5 से 6 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स चालू होने की उम्मीद है। यह प्रगति वैश्विक निवेशकों को यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत में चिप पॉलिसी सिर्फ कागजी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि यहां तेजी से काम पूरा हो रहा है।
SEMICON India 2026 का मुख्य आकर्षण
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM), MeitY और वैश्विक उद्योग निकाय SEMI द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह ईवेंट तकनीक और नीतियों का एक बड़ा संगम होगा। इसमें दुनिया भर की दिग्गज कंपनियां, उपकरण सप्लायर, डिजाइनर और निवेशक एक मंच पर जुटेंगे। 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल और 240 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। 15,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में 500 से ज्यादा एग्जीबिटर्स अपनी तकनीक का प्रदर्शन करेंगे। 6 अंतरराष्ट्रीय और 10 राज्य सरकारों के पवेलियन बनाए जाएंगे। स्टार्टअप्स के लिए अलग पवेलियन, आइडिया पिचिंग कॉम्पिटिशन और स्टूडेंट्स के लिए हैकाथॉन का आयोजन होगा। कॉन्फ्रेंस में AI, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, एडवांस्ड पैकेजिंग, सस्टेनेबिलिटी और स्किलिंग जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे।
सिर्फ फैब ही नहीं, पूरे इकोसिस्टम पर जोर
भारत का शुरुआती ध्यान बड़े फैब्रिकेशन (Fab) प्लांट लगाने पर था, लेकिन अब रणनीति में बड़ा बदलाव आया है। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत 'SEMICON 2.0' का मकसद चिप डिजाइन से लेकर अंतिम प्रोडक्ट बनाने तक की पूरी वैल्यू चेन को भारत में ही विकसित करना है। SEMICON 2.0 मुख्य रूप से 6 प्रमुख स्तंभों पर टिका है।
- चिप डिजाइनिंग और इनोवेशन
- मैन्युफैक्चरिंग (फ्रंट-एंड और बैक-एंड)
- एडवांस्ड पैकेजिंग और टेस्टिंग (OSAT/ATMP)
- जरूरी उपकरण और कच्चा माल (Equipment & Materials)
- रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D)
- टैलेंट और स्किल डेवलपमेंट
मेड इन इंडिया चिप का धमाका: SEMICON India 2026 क्यों है भारत के लिए गेमचेंजर?
वर्कर मैन्युफैक्चरिंग ट्रेनर
चिप डिजाइन के मामले में भारत का प्रदर्शन पहले से ही वैश्विक स्तर पर मजबूत रहा है और दुनिया के करीब 20 प्रतिशत डिजाइन इंजीनियर्स भारत से आते हैं। हालांकि, चिप मैन्युफैक्चरिंग (फैक्ट्री में चिप बनाने) के लिए ट्रेंड वर्कफोर्स की कमी को दूर करना अब सरकार का मुख्य लक्ष्य है। SEMICON 2.0 के तहत फैब तकनीशियनों, इक्विपमेंट इंजीनियर्स और पैकेजिंग एक्सपर्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। भारत का लक्ष्य केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करना ही नहीं है, बल्कि दुनिया भर के चिप उद्योगों के लिए कुशल वर्कफोर्स तैयार करके एक प्रमुख 'ग्लोबल टैलेंट हब' बनना भी है।
भारत के पास $200 अरब का बड़ा बाजार अवसर
वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर का बाजार आने वाले समय में 1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है। इसी दौरान, भारत की अपनी घरेलू चिप डिमांड 100 अरब डॉलर से बढ़कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। स्मार्टफोन और लैपटॉप से लेकर इलेक्ट्रिक वाहन, मेडिकल डिवाइस, डिफेंस सिस्टम और डेटा सेंटर तक हर जगह चिप्स की खपत तेजी से बढ़ रही है। 140 करोड़ की आबादी वाला भारत सिर्फ एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब ही नहीं बन रहा, बल्कि खुद इन चिप्स का एक विशाल उपभोक्ता बाजार भी है। यही वजह है कि वैश्विक कंपनियां भारत को एक सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में देख रही हैं।
ग्लोबल दिग्गजों का भारत पर बढ़ता भरोसा
वैश्विक सेमीकंडक्टर संगठन SEMI के प्रेसिडेंट और सीईओ अजीत मनोचा के अनुसार, भारत अपनी गति, महत्वाकांक्षा, टैलेंट और दूरदर्शी सोच के बल पर वैश्विक चिप सप्लाई चेन का एक अभिन्न हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं SEMI इंडिया के अध्यक्ष अशोक चांडक का कहना है कि यह आयोजन भारत के "सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स" के सफर को दिखाएगा। यह दिखाता है कि भारत अब केवल उद्योग में प्रवेश करने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि अपनी क्षमता और तकनीकी दक्षता को साबित कर चुका है।
SEMICON India 2026 इस बात का प्रमाण है कि भारत दुनिया की चिप जरुरतों को पूरा करने के लिए गंभीर है। सब्सिडी देने और पॉलिसी बनाने के शुरुआती चरण के बाद, अब जमीनी स्तर पर कारखाने शुरू हो चुके हैं। डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर एक साथ ध्यान देकर भारत खुद को केवल एक असेंबली हब नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में एक आत्मनिर्भर और वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित कर रहा है।
