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IIT मंडी की नई पहल, शुरू हुआ AI एजेंट बिल्डिंग प्रोग्राम, जानें छात्रों को क्या होगा फायदा

Education News Today: IIT मंडी टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIH) और Nagent AI ने एक अनोखा हाइब्रिड अपस्किलिंग प्रोग्राम लॉन्च किया है, जो अकादमिक विशेषज्ञता और उद्योग के अग्रणी नो-कोड AI टूल्स का संयोजन है। जानें इससे क्या होगा फायदा?

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IIT मंडी टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब और Nagent AI ने शुरू किया हाइब्रिड नो-कोड AI एजेंट बिल्डिंग प्रोग्राम

Education News: IIT मंडी टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIH) और Nagent AI ने एक अनोखा हाइब्रिड अपस्किलिंग प्रोग्राम लॉन्च किया है, जो अकादमिक विशेषज्ञता और उद्योग के अग्रणी नो-कोड AI Tools का कॉम्बिनेशन है। इस पहल का उद्देश्य भारत में बढ़ती AI स्किल की कमी को दूर करना है, ताकि पेशेवर महीनों नहीं बल्कि कुछ दिनों में फंक्शनल AI एजेंट तैयार और तैनात कर सकें।

यह प्रोग्राम Nagent AI के नो-कोड प्लेटफॉर्म - जो दुनियाभर में 1,000 से अधिक एंटरप्राइज क्लाइंट्स द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है—और IIT मंडी TIH की ह्यूमन-AI इंटरैक्शन में विशेषज्ञता पर आधारित होगा।

पंजीकरण की अंतिम तिथि

23 घंटे का यह कोर्स होगा, जो कि पूरी तरह ऑनलाइन चलेगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 है, और केवल 30 प्रतिभागियों के लिए सीटें उपलब्ध हैं।

2027 तक 10 लाख से अधिक AI प्रोफेशनल्स की कमी होने का अनुमान

अनुमानों के अनुसार, भारत में 2027 तक 10 लाख से अधिक AI प्रोफेशनल्स की कमी होगी, जबकि AI जॉब ओपनिंग 23 लाख तक पहुंच सकती हैं और मांग-आपूर्ति का अंतर 51% रहेगा। नो-कोड AI प्लेटफॉर्म का बाजार 2024 में 4.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2029 तक 24.8 बिलियन डॉलर (38.2% CAGR) तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में,यह हाइब्रिड प्रोग्राम अकादमिक मेंटरशिप, प्रोडक्शन-ग्रेड सिक्योरिटी और उद्योग प्रासंगिकता को एक साथ लाता है।

पाठ्यक्रम में एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन, मल्टी-एजेंट कोलैबोरेशन, एजेंटिक प्रॉम्प्टिंग और नो-कोड RAG पाइपलाइन के जरिए प्रॉप्राइटरी डेटा ग्राउंडिंग शामिल हैं।

यह पहल भारत की "एआई फॉर ऑल" रणनीति का समर्थन करती है और हेल्थकेयर, सप्लाई चेन, और कस्टमर एक्सपीरियंस जैसे क्षेत्रों में तेज़, वास्तविक दुनिया में तैनाती योग्य समाधान उपलब्ध कराएगी।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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