Toppers Tips: एक यूजर ने अपने एक दोस्त का शेड्यूल शेयर किया, जिसमें देखा जा सकता है कि वह IITs (इंडियन इंस्टिट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी) में एडमिशन पाने के लिए JEE (जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन) की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि वो छात्र रात में केवल 4.5 घंटे सोता है। ये जबरदस्त समर्पण दिखाता है कि सही तरीके से की गई कड़ी मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
बात भले पुरानी है, लेकिन सीखने लायक है। 2024 में, एक 17 साल के स्टूडेंट का रोजाना का स्टडी शेड्यूल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वह स्टूडेंट आधी रात के आसपास सोने के बाद सुबह 4:30 बजे उठ जाता। पूरे दिन में, वह नए व पिछले दोनों चैप्टर पढ़ता, कोचिंग क्लास अटेंड करता था, और असाइनमेंट पूरे करता था।
हो सकता है आप उस लड़के की कड़ी मेहनत देखकर दंग रह जाएं, लेकिन उसे आराम, मनोरंजन या सोशल बातचीत नहीं लुभाता था। वो समझता कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है, और आज की मेहनत कल का आराम बनता है।
100 प्रतिशत नंबर लाने वाले कल्पित वीरवाल ने जगाई उम्मीदें
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे प्रेशर कुकर जैसे माहौल की एक झलक बताया। सोशल मीडिया पर बहस तब और तेज हो गई जब JEE Main 2017 में पूरे नंबर लाने वाले 'कल्पित वीरवाल' ने उस पोस्ट पर कमेंट करते हुए कहा कि उनका रूटीन इससे बिल्कुल उलटा था।
IIT-JEE क्रैक करने के लिए 'असल में' कितने घंटे पढ़ाई की जरूरत होती है?
JEE Main 2017 के टॉपर कल्पित वीरवाल ने कहा कि उनकी अपनी तैयारी उस मुश्किल शेड्यूल जैसी बिल्कुल नहीं थी, जैसा कि आप सबने वायरल वीडियो में देखा है। उन्होंने X पर लिखा, "मैंने सचमुच JEE Main 2017 (AIR 1) में पूरे नंबर हासिल किए थे और मैंने इसका आधा भी नहीं पढ़ा था।"
इस पोस्ट पर आगे कमेंट करते हुए, वीरवाल ने अपने तरीके के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि कोटा के कोचिंग संस्थानों से ऑफर मिलने के बावजूद, उन्होंने अपने होमटाउन उदयपुर में ही रहने का फैसला किया। हालांकि वह दिन में 8 घंटे से ज्यादा पढ़ाई करते थे, लेकिन उन्होंने अपनी हॉबीज के लिए भी समय निकाला, टेलीविजन देखा और क्रिकेट खेला।
रिलैक्स रहकर बने टॉपर, How to be a Topper
उन्होंने लिखा, "मुझे कोटा की कोचिंग से उनके VIP हॉस्टल में रहने और ऐसी चीजो के लिए कई ऑफर मिले थे, वे मुझे उनकी क्लास अटेंड करने के लिए पैसे भी दे रहे थे। मैंने मना कर दिया और उदयपुर में ही रहा, मैं क्रिकेट खेलता था, टीवी देखता था, वगैरह और रेगुलर 8+ घंटे पढ़ाई करता था और कॉलेज में एडमिशन लेते समय भी मुझे काफी थका हुआ महसूस हुआ; IITB में मेरा पूरा पहला सेमेस्टर बस मजे करने में ही बीता।"
हालांकि, उनकी बातों से हर कोई सहमत नहीं हुआ। कई यूजर्स ने उन पर उन छात्रों की मुश्किलों को नजरअंदाज़ करने का आरोप लगाया। आलोचकों ने उनके कमेंट्स को घमंडी बताया और तर्क दिया कि सीखने की गति हर व्यक्ति की अलग-अलग होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीरवाल अपने जिले के पहले ऐसे कैंडिडेट बने जिन्होंने JEE Main में 360 में से 360 नंबर हासिल किए हैं।
Topper Tips
बता दें, 'वीरवाल' ने अंतर में लगातार लंबी पढ़ाई के घंटों के बजाय रेगुलर पढ़ाई पर जोर दिया है।
