IAS Rena Jamil Motivational Story: 2019 बैच की आईएएस अधिकारी रेना जमील गरीबी में पलकर यूपीएससी पास करने वाली महिला हैं। रेना जमील छत्तीसगढ़ कैडर की 2019 बैच की आईएएस है। वे मूलतः झारखंड के धनबाद की रहने वाली है। IAS रेना जमील की कहानी यूपीएससी में सेलेक्शन का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है। वे उन लोगों के लिए आईना हैं जो संसाधनों के अभाव का रोना रोते हैं। रेना के पिता मैकेनिक और मां 8वीं पास हैं और उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़कर देश की सबसे कठिन परीक्षा पास की। रेना मानती हैं कि दूसरी परीक्षाओं की तुलना में इस परीक्षा को पास करने में ज्यादा समय लगता है इसलिए धैर्य रखें।
यूपीएससी में आई 380वीं रैंक
पहले साल 2016 के प्रयास में उन्हें 882 रैंक प्राप्त हुई जिससे इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस मिली। आईएएस बनने का ख्वाब लेकर रेना ने 2017 में फिर सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन प्रीलिम्स में ही फेल हो गईं। 2018 में फिर कुछ दिन छुट्टी लेकर तैयारी की और फिर सिविल सेवा परीक्षा दी। इस बार उनकी 380वीं रैंक और उन्हें आईएएस मिला । रेना ने आठवीं तक उर्दू मीडियम के स्कूल से पढ़ाई की है। उसी स्कूल से उनकी मां नसीम आरा ने भी आठवीं तक पढ़ाई की थी।

IAS Rena Jamil Motivational Story
मास्टर्स में कॉलेज टॉपर
वह दसवीं तक सरकारी स्कूल से पढ़ीं और 12वीं तक एवरेज स्टूडेंट थीं, लेकिन ग्रेजुएशन के बाद मास्टर्स में उन्होंने कॉलेज टॉप किया। जूलॉजी ऑनर्स से मास्टर्स करते वक्त रेना अपना करियर फॉरेस्ट सर्विस में बनाना चाहती थीं।

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पति भी हैं आईएएस
रेना के पति रेयाज अहमद भी आईएएस हैं। दोनों एक ही बैच के हैं और पहली मुलाकात जामिया मिलिया की आरसीए कोचिंग में हुई। रेना के पिता मैकेनिक और मां 8वीं पास हैं और उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़कर देश की सबसे कठिन परीक्षा पास की।
