IAS Abhishek Vashistha Success Story In Hindi: मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है...यह लाइन साल 2024 बैच के आईएएस ऑफिसर अभिषेक वशिष्ठ पर सटीक (IAS Abhishek Vashistha Success Story) बैठती है। बता दें दिल्ली के रहने वाले अभिषेक ने एक बार नहीं बल्कि तीन बार यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर इतिहास रच दिया है। हालांकि यह सफर अभिषेक के लिए आसानी नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत व संघर्ष के दम पर अपने मुकाम को हासिल किया। अभिषेक के सफलता की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो परिस्थितियों को कारण बताकर अपने लक्ष्य से पीछे हट जाते हैं।
IAS Abhishek Vashistha Success Story: बीटेक के बाद पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स
बता दें अभिषेक वशिष्ठ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के एक सरकारी स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (Ambedkar Institute of Technology, Delhi) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन) (Electronics And Communication) में इंजीनियरिंग किया। फिर उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री की। इस दौरान उनका झुकाव यूपीएससी की तरफ हो गया था। आपको बता दें उन्हें पॉलिटिकल साइंस में जूनियर रिसर्च फेलोशिप भी मिली।

IAS Abhishek Vashistha Success Story

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IAS Abhishek Vashistha: लगातार तीन बार क्रैक किया यूपीएससी
अभिषेक साल 2018 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुए। यहां उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2019 में 1 मार्क्स से फिर निराशा हाथ लगी। 2020 में यूपीएससी क्रैक कर आईआरएस के पद पर पहुंचे। 2021 में चौथे अटेम्प्ट के दौरान उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। वहीं साल 2022 में पांचवे प्रयास में उन्हें रैंक के आधार पर आईपीएस का कैडर मिला, जो राष्ट्र की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और भी पुष्ट करती है। लेकिन अभी वशिष्ठ का सपना अभी पूरी नहीं हुआ था साल 2024 में 14वीं रैंक लाकर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

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UPSC Success Story In Hindi: कड़ी मेहनत व संघर्ष का परिणाम
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। यहां हर साल लाखों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होते हैं। हालांकि सेलेक्शन महज चुनिंदा उम्मीदवारों का होता है। ऐसे में लगातार तीन बार यूपीएससी क्रैक करना कड़ी मेहनत व संघर्ष का परिणाम है। अभिषेक के सफलता की उन लाखों उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा है जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।
