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कैसे बनते हैं ट्रेन के ड्राइवर, जानें हर महीने कितनी मिलती है सैलरी

How To Become Loco Pilot In Indian Railway (कैसे बनते हैं ट्रेन के ड्राइवर): भारतीय रेलवे को देश की लाइफ लाइन कहा (Indian Railway Loco Pilot Salary) जाता है। भारत में रोजाना लाखों की संख्या में लोग ट्रेन में सफर करते हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि ट्रेन के ड्राइवर यानी लोको पायलट कैसे बनते हैं। ट्रेन के लोको पायलट की सैलरी कितनी होती है। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो यहां जान लीजिए।

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How To Become Loco Pilot In Indian Railway: कैसे बनते हैं ट्रेन के ड्राइवर, हर महीने कितनी सैलरी

How To Become Loco Pilot In Indian Railway (कैसे बनते हैं ट्रेन के ड्राइवर): भारतीय रेलवे का इतिहास करीब 160 साल से भी ज्यादा पुराना है। 16 अप्रैल 1853 को बोरीबंदर (बॉम्बे) और ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन चली, जिसकी दूरी 34 किलोमीटर थी। इसे साहिब, सुल्तान और सिंध नामक तीन इंजनों द्वारा संचालित किया गया था और इसमें 13 डिब्बे थे। भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। साल 2024 में कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजाना 22593 ट्रेन चलती हैं, जिसमें 13,452 यात्री ट्रेन शामिल हैं। जिसमें लाखों की संख्या में लोग सफर करते हैं। यह देशभर में करीब 7000 से अधिक रेलवे स्टेशन को कवर करती है।

ऐसे में ट्रेन में यात्रा करने वाले अधिकतर लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर ट्रेन के ड्राइवर यानी लोको पायलट कैसे बनते हैं। इसके लिए कौन सी परीक्षा पास करनी होती है। साथ ही यहां आप जान सकते हैं कि ट्रेन के ड्राइवर को हर महीने कितने रुपये सैलरी मिलती है।

How To Become Loco Pilot In Indian Railway: कैसे बनते हैं रेलवे में लोको पायलट

सबसे पहले आपको बता दें कि रेलवे में डायरेक्ट लोको पायलट के पदों पर उम्मीदवारों का सेलेक्शन नहीं किया जाता है। यहां पहले असिस्टेंट लोको पायलट के पदों पर अभ्यर्थियों का सेलेक्शन होता है। सेलेक्शन के बाद ट्रेनिंग के दौर से गुजरना होता है। इसके बाद सहायक लोको पायलट के रूप में मालगाड़ी चलाने की जिम्मेदारी दी जाती है। पूरी करने के बाद सहायक लोको पायलट के रूप में तैनाती देने का प्रावधान है। इसमें बेहतर काम करने के बाद एएलपी के तौर पर लोकल ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी मिलती है। वहीं अनुभव होने के बाद ही पैसेंजर ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी दी जाती है।

Indian Railway Loco Pilot Qualification: रेलव में लोको पायलट के लिए क्वालिफिकेशन

भारतीय रेलवे में लोको पायलट के लिए क्वालिफिकेशन की बात करें तो अभ्यर्थी किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना चाहिए। साथ ही मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टेक्नीशियन, वायरमैन आदि ट्रेड में आईटीआई सर्टिफिकेशन या डिप्लोमा होना जरूरी है। यहां लाखों की संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। हालांकि सेलेक्शन महज कुछ ही उम्मीदवारों का होता है।

Indian Railway Loco Pilot Selection Process: रेलवे में लोको पायलट के लिए सेलेक्शन प्रोसेस

रेलवे में लोको पायलट के पदों पर उम्मीदवारों के सेलेक्शन प्रोसेस की बात करें तो अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ता है। यहां सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान, रीजनिंग, करंट अफेयर्स आदि से सवाल पूछे जाते हैं। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थी मेडिकल के लिए पात्र माने जाते हैं। यहां मेडिकल के सभी चरणों को पूरा करने के बाद आंखों का चेकअप व साइकॉमेट्रिक टेस्ट होतो है। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाता है। यहां उन सभी दस्तावेजों की जांच की जाती है जो आपने एप्लीकेशन फॉर्म में भरा होता है।

Indian Railway Loco Pilot Salary: रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट की सैलरी

रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट के सैलरी की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एएलपी को 25000 से 30000 रुपये सैलरी दी जाती है। यहां अनुभव के आधार पर सैलरी में इजाफा होता है। इसके अलावा अभ्यर्थियों को विभिन्न भत्ते और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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