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कैसे होता है Indian Navy के जहाजों का नामकरण, क्या होता है आईएनएस का मतलब ?

इंडियन नेवी जहाजों के नाम काफी सोच समझकर रखता है। यूं ही जहाजों को नाम नहीं दे दिये जाते बल्कि इसके पीछे भी खास वजह होती है। चलिये जानते हैं कि नेवी के जहाजों के नामकरण कैसे होता है।

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How Navy Names Ships

How the Navy names its ships, subs. : आपने भारतीय नौसेना के जहाजों के अलग-अलग नाम सुने होंगे। मगर क्या आपको पता है कि नेवी ये नाम कैसे तय करती है। क्या सिर्फ जहाज की बनावट या रंग के आधार पर ये नाम रखा जाता है या फिर इसके पीछे कोई खास वजह है... इसके अलावा आपने जहाजों के नाम के आगे INS भी लिखा देखा होगा। चलिये जानते हैं कि जहाज के नाम के आगे आईएएनस क्यों लगाया जाता है और साथ ही कैसे जहाजों के नाम रखे जाते हैं।

तो इंडियन नेवी के जहाजों के नाम कैसे रखे जाते हैं ?

इंडियन नेवी के जहाजों और सबमरीन के नाम मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की इंटरनल नोमेनक्लेचर कमिटी (INC) चुनती है। इस कमिटी को असिस्टेंट चीफ ऑफ नेवल स्टाफ लीड करते हैं और इसमें मिनिस्ट्री के हिस्टोरिकल सेक्शन और ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट मिनिस्ट्री के आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट के रिप्रेजेंटेटिव वगैरह शामिल होते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध पोतों के नाम पहाड़ियों, नदियों या फिर हथियारों के नाम पर रखने की परंपरा चली आ रही है और इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि इसी कैटेगरी के शिप्स का पहला अक्षर समान रहे।

कौन रखता है नाम ?

पॉलिसी गाइडलाइंस के मुताबिक, नेवी चीफ कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी देते हैं। इसके अलावा, खास युद्धपोतों के नाम, प्रतीक और आदर्श वाक्यों के लिए राष्ट्रपति की सहमति जरूरी होती है। नौसेना के जहाजों के नाम से पहले INS (इंडियन नेवल शिप) लगाया जाता है, और अलग-अलग तरह के जहाजों के लिए एक खास नामकरण प्रणाली अपनाई जाती है। जैसे कि किसी क्रूजर या डिस्ट्रॉयर का नाम किसी राज्य की राजधानी, किसी बड़े शहर या किसी महान योद्धा/राजा के नाम पर रखा जाता है (जैसे INS दिल्ली, INS मैसूर आदि)।

'INS' का सबसे आम मतलब है 'इंडियन नेवी शिप' (जहाजों के नाम से पहले लगाया जाने वाला उपसर्ग) या 'इनर्शल नेविगेशन सिस्टम' (एक स्वतंत्र नेविगेशन डिवाइस)। ये दिखाता है कि ये जहाज भारतीय नौसेना का हिस्सा है और भारत की संपत्ति है।

जानें कैसे रखते हैं जहाजों के नाम

  • युद्धपोत (Warships) (INS Vikrant, INS Vikramaditya) के नाम आमतौर पर वीरता, शक्ति और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े होते हैं। विक्रांत का मतलब यहां साहसी से है और विक्रमादित्य का मतलब पराक्रमी सम्राट से।
  • विध्वंसक (Destroyers)- INS Kolkata, INS Chennai के नाम अकसर शक्ति या हथियारों पर रखे जाते हैं।
  • फ्रिगेट (Frigates) के नाम अकसर नदियों या फिर पौराणिक प्रतीकों पर आधारित होते हैं। जैसे कि INS Ganga और INS Shivalik पनडुब्बियां (Submarines) के नाम समुद्री जीव या फिर ताकतवर प्रतीकों से जुड़े हुए होते हैं। जैसे कि INS Karanj, INS Kalvari
  • विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) के नाम बहुत प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक महत्व वाले होते हैं। जैसे कि INS Vikrant.

इसके अलावा भारतीय नौसेना में एक सख्त नीति अपनाई जाती है, जिससे कि जहाजों को उनके नाम से पहचाना जा सके। कई जहाजों को अकसर बड़े और ऐतिहासिक शहरों के नाम दिये जाते हैं। जैसे कि INS दिल्ली, INS मुंबई और INS कोच्चि। इसके अलावा कई जहाजों के नाम तलवार जैसे हथियारों पर भी रखे गए हैं। जैसे कि INS Talwar, INS Trishul. वहीं नीलगिरी क्लास के नाम पहाड़ियों पर रखे गए हैं। वहीं तट पर सेना को उतारने वाले जहाजों को अकसर जानवरों का नाम दिया जाता है। जैसे कि INS Cheetah.

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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