RG Kar Case: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अगस्त 2024 में पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या की कथित साजिश की जांच पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में रिपोर्ट दाखिल की। न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि बंद कमरे में की जा रही इस मामले की सुनवाई में अब 20 नवंबर को फिर से दलीलें सुनी जाएंगी। केंद्रीय एजेंसी ने पिछली सुनवाई के दौरान अदालत के निर्देश के अनुसार रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की। खंडपीठ ने 28 अगस्त को सीबीआई को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - Kalkaji Gang Rape: कालकाजी सामूहिक दुष्कर्म केस में कोर्ट ने आरोपियों पर कसा शिकंजा, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए तीनों
चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या
रिपोर्ट में यह बताने को कहा गया था कि अस्पताल में चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या की कथित साजिश की जांच के दौरान एजेंसी किन तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कितने लोगों की संलिप्तता तक पहुंची। अदालत ने 21 मई को सीबीआई के पूर्वी क्षेत्र के संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया था।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढे़ं - ज्ञानेश कुमार सरकारी गवाह बन जाएं- इस्तीफा मांग राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, कहा- ये देशद्रोही लोग हैं
राज्य सरकार द्वारा संचालित इस अस्पताल में नौ अगस्त 2024 की रात महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। इस मामले में संजय रॉय को यहां सियालदह सत्र अदालत ने दोषी ठहराया था और उसे जीवनभर कारावास की सजा सुनाई थी।
