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हिमाचल में MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने की तैयारी, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को मिली 200 करोड़ की सौगात

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 27 अक्टूबर को हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज में 200 करोड़ रुपये की लागत से बने नए एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया।

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हिमाचल में MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने की तैयारी (Image- AI Generated/Newsroom Verified)

हिमाचल प्रदेश के मेडिकल छात्रों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज में 200 करोड़ रुपये की लागत से बने नए एकेडमिक ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार MBBS इंटर्न को मिलने वाला स्टाइपेंड बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके लिए बजट में जरूरी प्रावधान करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में नए एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज का भी उद्घाटन किया। यहां चार कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनमें कुल 210 सीटें हैं।

नए कॉलेज में मेडिकल लैब साइंस, रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया में 60-60 सीटें रखी गई हैं। वहीं, डायलिसिस कोर्स में 30 सीटें होंगी। सरकार की योजना अगले साल चार और कोर्स शुरू करने की है। इससे मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों को नए अवसर मिलेंगे।

मेडिकल कॉलेज में बनेंगे हॉस्टल और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक

मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने पर काम चल रहा है। यहां 300-300 छात्रों की क्षमता वाले लड़कों और लड़कियों के अलग-अलग हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा आधुनिक एम्फीथिएटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण भी किया जा रहा है।

सरकार की योजना कॉलेज परिसर में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज बनाने की भी है। मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।

रोबोटिक सर्जरी और AI पर सरकार का फोकस

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा हर मेडिकल कॉलेज में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड लैब बनाई जा रही हैं। सरकार डॉक्टरों को बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए छात्रों को विदेश भेजने की तैयारी भी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की। उनका कहना था कि बेहतर इलाज के लिए आधुनिक मशीनों के साथ मरीजों के प्रति अच्छा व्यवहार भी जरूरी है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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