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बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं? GST रजिस्ट्रेशन के नए नियम और 5 बड़े बदलाव समझें

New GST Registration Rules: अगर आप अपना बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है। दरअसल, GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं।

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GST रजिस्ट्रेशन के नए नियम (Photo: iStock)

New GST Registration Rules: अगर आप अपना बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं या पहले से कारोबार कर रहे हैं और GST नंबर के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इनका उद्देश्य आवेदन में होने वाली देरी, बार-बार डॉक्यूमेंट्स मांगने और बेवजह की पूछताछ को कम करना है। नए दिशानिर्देशों में रजिस्ट्रेशन की समयसीमा, जरूरी डॉक्यूमेंट्स और अधिकारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया गया है।

3 दिन में मिल सकता है GST नंबर

नई गाइडलाइंस के तहत पात्र आवेदकों को तीन वर्किंग डे के भीतर GST रजिस्ट्रेशन मिल सकता है। यह सुविधा निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले छोटे कारोबारियों और कुछ अन्य पात्र आवेदकों के लिए है। वहीं, आधार वेरिफिकेशन सफल होने वाले सामान्य आवेदनों को 7 वर्किंग डे में प्रोसेस करने का प्रावधान है। अगर आधार वेरिफिकेशन पूरा नहीं होता या आवेदन में जोखिम के संकेत मिलते हैं और फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होता है तो प्रक्रिया में 30 दिन तक लग सकते हैं।

कारोबार की जगह के हिसाब से देने होंगे दस्तावेज

अगर कारोबार अपनी संपत्ति से चल रहा है तो आवेदक प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, बिजली बिल, पानी का बिल या नगरपालिका खाता से जुड़े डॉक्यूमेंट्स दे सकता है। किराये की जगह पर कारोबार करने वालों को वैलिड रेंट एग्रीमेंट या लीज एग्रीमेंट के साथ संबंधित डॉक्यूमेंट्स जमा करने होंगे। अगर किराये का समझौता उपलब्ध नहीं है, तो निर्धारित प्रारूप में अंडरटेकिंग और कब्जे के प्रमाण के रूप में बिजली या पानी का बिल दिया जा सकता है। माता-पिता के घर से कारोबार करने वाले उद्यमी संपत्ति मालिक का सहमति पत्र और स्वीकार्य एड्रेस प्रूफ जमा कर सकते हैं।

फ्रीलांसर और को-वर्किंग स्पेस वालों के लिए नियम

को-वर्किंग स्पेस में काम करने वालों को मेंबरशिप एग्रीमेंट देना होगा, जिसमें आवंटित डेस्क, केबिन या सुइट की जानकारी हो। अधिकारियों को केवल इस आधार पर आपत्ति नहीं उठानी चाहिए कि आवेदक दूसरे शहर या राज्य में रहता है।

अधिकारी नहीं मांग सकते अनावश्यक दस्तावेज

अधिकारी अधूरे डॉक्यूमेंट्स या पते में गड़बड़ी होने पर क्लेरिफिकेशन मांग सकते हैं, लेकिन बिना उचित कारण अतिरिक्त कागजात नहीं मांग सकते। जरूरत पड़ने पर फॉर्म GST REG-03 के जरिए नोटिस जारी किया जाता है। आवेदक को 7

कार्यदिवस में फॉर्म GST REG-04 के जरिए जवाब देना होता है।

बैंक खाते की जानकारी बाद में भी दे सकते हैं

जीएसटी रजिस्ट्रेशन के शुरुआती आवेदन में बैंक खाते की जानकारी देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, रजिस्ट्रेशन मिलने के 30 दिनों के भीतर या आउटवर्ड सप्लाई की डिटेल्स जमा करने से पहले, जो भी पहले हो, बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। आवेदन करते समय पैन, कानूनी कारोबारी नाम और पते की जानकारी सही रखें। सभी डॉक्यूमेंट्स स्पष्ट होने चाहिए। आवेदन आधिकारिक जीएसटी पोर्टल के जरिए किया जा सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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