केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों के लिए सीखने का एक नया और दिलचस्प तरीका तैयार किया है। नई दिल्ली में बना एजुकेशन एक्सपीरियंस सेंटर छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी चीजों को करीब से समझने का मौका देगा। करीब 6,000 वर्ग फीट में फैले इस सेंटर में 12 जोन और 21 एग्जिबिट्स हैं। यहां इतिहास, विज्ञान, तकनीक, करियर और पर्यावरण से जुड़ी जानकारियां गतिविधियों के जरिए समझाई जाएंगी। सेंटर में छात्रों को सबसे पहले 'शिक्षा की कहानी' फिल्म के जरिए भारत की शिक्षा व्यवस्था के सफर से परिचित कराया जाएगा। इसमें प्राचीन गुरुकुल, नालंदा जैसे पुराने शिक्षा केंद्रों और आज के डिजिटल क्लासरूम की झलक देखने को मिलेगी। इसके अलावा पुरानी तस्वीरों और 1935 के रिकॉर्ड की मदद से छात्र CBSE के इतिहास को भी जान सकेंगे।
करियर से लेकर परीक्षा के तनाव तक, हर विषय पर जानकारी
यहां छात्रों को सिर्फ पुरानी शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ही नहीं मिलेगी, बल्कि भविष्य की तैयारी में भी मदद मिलेगी। 'करियर एक्सप्लोरर', '‘फ्यूचर ऑफ प्रोफेशंस' और 'मैजिक मिरर: फ्यूचर यू' जैसे एग्जिबिट्स के जरिए छात्र करियर के अलग-अलग विकल्पों को समझ सकेंगे।
| सेंटर की खास सुविधा | छात्रों को क्या मिलेगा |
| शिक्षा की कहानी | भारत की शिक्षा व्यवस्था का सफर |
| इंटरैक्टिव टाइमलाइन | पृथ्वी के इतिहास की जानकारी |
| करियर एक्सप्लोरर | भविष्य के करियर विकल्पों की जानकारी |
| होलोग्राम | डॉ. आंबेडकर और डॉ. कलाम के विचारों से जुड़ने का अनुभव |
| एग्जाम वॉरियर्स | परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीके |
| एडुवर्स | जंगल, समुद्र, हिमालय और चंद्रमा जैसे वातावरण का अनुभव |

CBSE का नया एजुकेशन एक्सपीरियंस सेंटर
तकनीक के जरिए सीखने का मिलेगा
सेंटर में RFID स्मार्ट कार्ड की मदद से छात्र अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के होलोग्राम के जरिए उनके विचारों को जानने का अनुभव भी मिलेगा। वहीं, 'एग्जाम वॉरियर्स' से जुड़े कियोस्क के जरिए छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव कम करने और आत्मविश्वास बनाए रखने के तरीके बताए जाएंगे।
पर्यावरण के प्रति भी जागरूक होंगे छात्र
'एडुवर्स' में छात्र जंगल, समुद्र, हिमालय और चंद्रमा जैसी जगहों का अनुभव कर सकेंगे। इसका मकसद उन्हें प्रकृति, पृथ्वी और पर्यावरण संरक्षण की अहमियत समझाना है। कुल मिलाकर, यह सेंटर छात्रों को किताबों से आगे बढ़कर गतिविधियों और तकनीक के जरिए सीखने का मौका देगा।
