स्पोर्ट्स

जैवलिन स्टार नीरज यादव ने की आत्महत्या, एशियन पैरा गेम्स 2026 में नहीं ले सके थे हिस्सा

यूपी के रहने वाले 42 साल के पैरा एथलीट नीरज यादव ने अपने फ्लैट पर सुसाइड कर लिया। पैरा एशियन गेम्स में 3 बार गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज के आत्महत्या करने के पीछा का कारण अभी पता नहीं चल सका है। हालांकि, राष्ट्रीय पैरा-एथलेटिक्स मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने कहा कि नीरज डोपिंग सस्पेंशन के कारण आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में नहीं खेल पाने के कारण मानसिक पीड़ा झेल रहे थे।

Image

पैरा जैवलिन स्टार नीरज ने की आत्महत्या। फाइल फोटो

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारत के पैरा एथलीट ने सुसाइड करके सभी को चौंका दिया है। ये कोई और नहीं, बल्कि पैरा एशियन गेम्स में 3 बार गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज यादव हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार की रात को अपने फ्लैट पर उन्होंने सुसाइड किया। राष्ट्रीय पैरा-एथलेटिक्स मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस घटना की पुष्टि की है। नीरज यादव ने जब 2018 में एशियन पैरा गेम्स में मेडल जीता था तो उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी।

यूपी के रहने वाले 42 साल के नीरज यादव एफ55 कैटेगरी में हिस्सा लेते थे। इस कैटेगरी में वही प्रतिस्पर्धा करते हैं, जो सीट पर बैठकर गेम खेलते हैं। नीरज यादव कई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व पैरा गेम्स में करते थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल में उनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया खबर लिखे जाने तक जारी थी। इस दौरान कई और पैरा एथलीट इस समय अस्पताल में मौजूद थे। नीरज यादव की मौत किन हालात में हुई, यह अभी पता नहीं चला है।

कोच ने बताया- झेल रहे थे मानसिक पीड़ा

भारत के चीफ पैरा-एथलेटिक्स कोच एस सत्यनारायण ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, हां, नीरज ने सुसाइड किया है। मुझे भी यही पता चला है। मुझे बताया गया है कि उसने कल रात अपने फ्लैट में जहर खा लिया था। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है।' उन्होंने बताया है कि नीरज डोपिंग सस्पेंशन के कारण आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में नहीं खेल पाने के कारण मानसिक पीड़ा झेल रहे थे।

ऐसा रहा करियर

नीरज भारत के बेहतरीन पैरा-एथलीटों में से एक थे। उन्होंने लगभग सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेलने के बाद 2015 में एथलेटिक्स में अपना करियर शुरू किया। 2016 में 'फज्जा ग्रां प्री' (Fazza Grand Prix) में उन्होंने पुरुषों के शॉट पुट और डिस्कस थ्रो (F55 क्लास) में सिल्वर मेडल जीता था। 2018 के एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने 29.84 मीटर के एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता।

अक्टूबर 2023 में चीन के हांगझू में हुए 2022 एशियन पैरा गेम्स में नीरज ने दो गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने डिस्कस थ्रो (F54/55/56 क्लास) और जैवलिन थ्रो (पुरुषों की F55 कैटेगरी) में गोल्ड हासिल किया। 2022 में, उन्होंने मोरक्को में आयोजित 'माराकेश पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री' में एक नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता था।

7 साल की उम्र में हो गया था पोलियो

नीरज का जीवन जन्म से ही संघर्षपूर्ण रहा। 7 साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया, जिसके बाद व्हीलचेयर ही उनकी स्थायी साथी बन गई। लगभग सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेलने के बाद, उन्होंने 2015 में एथलेटिक्स में अपना सफर शुरू किया। नीरज ने जल्द ही अपनी पहचान बना ली और वे भारतीय टीम का हिस्सा बन गए। लेकिन, इंडोनेशिया में हुए 2018 एशियन पैरा गेम्स में जैवलिन थ्रो (F55 क्लास) में जीते गए गोल्ड मेडल ने उन्हें असली पहचान दिलाई। उनके करियर में बड़ा मोड़ 2015 की 'दिल्ली स्टेट एथलेटिक्स मीट' के दौरान आया, जहां उन्होंने शॉट पुट, जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते थे।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

    और पढ़ें
    End of Article