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Education Loan: शिक्षा कर्ज सीमा आगे बढ़ा सकती है सरकार, 10 लाख तक लोन होगा आसान

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 13, 2022, 05:03 PM IST

Education Loan in India in Hindi: वर्तमान में 7.5 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण क्रेडिट गारंटी फंड की ओर से समर्थित हैं, जिसका मतलब है कि बैंक गारंटीकृत राशि तक के लोन के लिए कोई कॉलेटरल नहीं मांगते हैं। अब इस कर्ज की सीमा को 10 लाख तक बढ़ाया जा सकता है।

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Education Loan in Hindi: केंद्र सरकार की ओर से शिक्षा कर्ज के लिए गारंटी सीमा को 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की संभावना है। यह एक ऐसा कदम है जो कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के लिए मंजूरी में देरी और और कर्ज आवेदनों की अस्वीकृति की शिकायतों के बीच संवितरण बढ़ाने के लिए उठाया जा सकता है। मौजूदा समय में, 7.5 लाख रुपये तक के शिक्षा कर्ज क्रेडिट गारंटी फंड की ओर से समर्थित हैं, जिसका अर्थ है कि बैंक गारंटीकृत राशि तक के ऋण के लिए कोई अतिरिक्त राशि नहीं मांगते हैं।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग ने गारंटी सीमा को 33 प्रतिशत बढ़ाने के लिए शिक्षा मंत्रालय के साथ परामर्श शुरू कर दिया है। इस तरह के कदम से दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे कुछ क्षेत्रों में समग्र कवर के बराबर सीमा आ जाएगी, जहां राज्य सरकार की योजनाएं कुल गारंटी को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के लिए अतिरिक्त कवर प्रदान करती हैं।

इससे पहले इस संबंध में यह खबर आई थी कि बैंकों ने शिक्षा ऋण पर कर्ज देना धीमा कर दिया था, जिसके कारण कई तिमाहियों से शिकायतें हुईं, जिनमें 'वीवीआईपी संदर्भ' शामिल थे। इसके चलते वित्तीय सेवा विभाग ने 25 अगस्त को सभी 12 सरकारी बैंकों की बैठक बुलाकर शिक्षा कर्ज वितरण लक्ष्यों पर चर्चा की थी।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का शिक्षा कर्ज देने का लक्ष्य रखा है, जिसमें बैंकों ने पहली तिमाही के अंत तक कुल लक्ष्य का 19 प्रतिशत हासिल किया है। सरकार चाहती है कि बैंक इस लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम होने के लिए और अधिक ऋण देना शुरू करें।

अगस्त की बैठक में बैंक के एक प्रतिनिधि ने वित्तीय सेवा प्रभाग से शिक्षा ऋण पर गारंटी में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए कहा था। यह सुझाव भी दिया गया था कि भारतीय बैंक संघ सभी छात्रों के लिए समान रूप से बीमा कवरेज प्रदान करने की संभावना का पता लगाने के लिए सभी पीएसबी यानी सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक के साथ परामर्श कर सकता है। देश में लगभग 90 प्रतिशत शिक्षा ऋण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से वितरित किए जाते हैं।

प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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