Explained: वोकेशनल एजुकेशन से आसान होगी रोजगार की राह, पढ़ाई के साथ अब हुनर भी सिखाएगा यूपी बोर्ड
- Authored by: कुसुम भट्ट
- Updated Jan 20, 2026, 05:24 PM IST
Vocational education NEP 2020: वोकेशनल एजुकेशन के बारे में तो आपने सुना ही होगा, ये एक खास तरह की शिक्षा प्रणाली या फिर एजुकेशन सिस्टम है, जिसका मकसद छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज देना है। ये छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार करता है, जिसके कि छात्र कम समय में आत्मनिर्भर बन सकें। यूपी बोर्ड ने शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए इसे अपने करिकुलम में शामिल किया है।
Vocational Education kya hai
Vocational Education Kya hai : उत्तर प्रदेश बोर्ड ने हाल ही में पारंपरिक शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए बच्चों की स्किल्स पर ध्यान देने का फैसला लिया है। बोर्ड ने अपने करिकुलम में वोकेशनल एजुकेशन नाम की एक नीति को जोड़ा है। एक ऐसी नीति, जिसके तहत बच्चों को न सिर्फ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि वे अपनी स्किल्स के हिसाब से कोर्सेज चुन पाएंगे। ऐसे उन्हें आगे चलकर नौकरी ढूंढने में परेशानी नहीं होगी। इस लेख में चलिये समझते हैं कि वोकेशनल एजुकेशन क्या होती है और कैसे इससे समय के साथ-साथ छात्र अपने करियर को उड़ान दे सकते हैं। साथ ही समझते हैं कि पारंपरिक शिक्षा से ये किस तरह अलग है।
क्या होती है वोकेशनल एजुकेशन What is Vocational Education
वोकेशनल एजुकेशन यानी व्यवसायिक शिक्षा दो शब्दों से मिलकर बनी है- व्यवसाय और शिक्षा। ऐसी शिक्षा जिसे व्यवसाय के साथ जोड़ा जाता है। यानि कि किताबों से उठकर एक ऐसी शिक्षा, जो छात्रों को स्किल्स से जोड़े रखती है। NEP 2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) वोकेशनल कोर्सेज पर ज्यादा ध्यान देती है। वोकेशनल एजुकेशन में प्रैक्टिकल पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल के दौर में इस तरह की शिक्षा की बेहद डिमांड है और इसी के जरिये छात्र अपने सपनों को उड़ान दे सकते हैं।
वोकेशनल एजुकेशन क्या है ? vocational education kya hai
इसे ऐसे समझिये कि जब भी हम किसी चीज के बारे में पढ़ते हैं तो दिमाग चीजों को याद रखने की कोशिश करता है। इसे हम किसी किताब के जरिये पढ़ सकते हैं या फिर किसी भी तरह से थ्योरी के जरिये। मगर जब हम उसी चीज को करके सीखते हैं तो हमारे दिमाग में वो लंबे समय तक रहती है। क्योंकि हमने उसे प्रैक्टिकल करके देखा है। ये सब चीजें आगे चलकर बहुत काम आती हैं, जब पढ़ाई पूरी होने के बाद व्यवसाय करना हो या फिर किसी न किसी तरह से स्किल को काम में लाना हो। वोकेशनल एजुकेशन का मकसद छात्रों को व्यवसाय के लिए तैयार करना होता है। ये छात्रों को व्यवसाय संबंधित योग्यता देने में भी मदद करती है।

vocational Education Meaning
कब हुई वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत ? vocational education meaning
अगर बात करें वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत की तो इसकी शुरुआत राष्ट्रीय शिक्षा आयोग 1964-66 के सुझाव से हुई थी, जिस आधार पर राष्ट्रीय नीति 1986 ने अपनी मंजूरी दी। इसके बाद ही 12वीं पास छात्रों को 20 प्रतिशत वोकेशनल कोर्स से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसमें छात्र प्रैक्टिकल वर्क करते हैं और ऐसे में स्किल्स सुधरती रहती हैं।
स्पेसिफिक करियर चुन सकते हैं छात्र
वोकेशनल एजुकेशन का विस्तार करने के लिए इसे डिस्टेंस एजुकेशन में शामिल किया गया। वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेनिंग एक जॉब ओरियंटेड कोर्स है, जिसके जरिये छात्र एक स्पेसिफिक करियर को चुन सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर आप किसी एक ही फील्ड में दिलचस्पी रखते हैं और उसी के बारे में सीखना चाहते हैं तो उस फील्ड में उससे जुड़े वोकेशनल कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं और अपने करियर को उड़ान दे सकते हैं।

वोकेशनल एजुकेशन का क्या मतलब है?
यूपी बोर्ड ने वोकेशनल एजुकेशन को किया कंपल्सरी Vocational Education in UP Board
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश बोर्ड ने हाल फिलहाल में इसी साल से 9वीं और 11वी के छात्रों के लिए वोकेशनल एजुकेशन को अनिवार्य कर दिया है। इसे छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है। उत्तर प्रदेश बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कई एक्सपर्ट्स कमेटीज ने वोकेशनल ट्रेड से जुड़े करिकुलम को मंजूरी दे दी है।
वोकेशनल एजुकेशन में चार तरह के कोर्स होते हैं- Courses in Vocational Education
- सर्टिफिकेट कोर्स Certificate Course
- डिप्लोमा कोर्स Diploma Course
- अंडरग्रेजुएट कोर्स Undergraduate Course
- पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स Post Graduate Course
अगर किसी छात्र को फैशन डिजाइनिंग में दिलचस्पी है तो इसमें वोकेशनल कोर्स किया जा सकता है। इसके अलावा एनिमेशन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, फूड टेक्नोलॉजी, जर्नलिज्म, टेली कम्यूनिकेशन, फोटोग्राफी, फॉरेंसिक साइंटिस्ट जैसे कई कोर्सेज किए जा सकते हैं।