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Engineer's Day 2023: 15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे, जानें इस दिन का इतिहास और थीम

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Sep 14, 2023, 03:14 PM IST

Engineer's Day 2023 Date, Theme, History: 15 सितंबर को प्रतिवर्ष हमारे देश में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। इंजीनियर्स डे को हिंदी में राष्ट्रीय अभियंता दिवस कहते हैं। यह दिन महान इंजीनियर एवं भारत रत्न एवं ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से सम्मानित एम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में सेलिब्रेट किया जाता है। जानें इस बार की थीम।

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Engineer's Day 2023 Date, Theme, History

Engineer's Day 2023 Date, Theme, History: 15 सितंबर को प्रतिवर्ष हमारे देश में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। किसी भी देश के निर्माण में इंजीनियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश के विकास में महती भूमिका निभाने वाले इंजीनियर्स को सम्मान देने के लिए यह दिन मनाया जाता है। इंजीनियर्स डे को हिंदी में राष्ट्रीय अभियंता दिवस कहते हैं। यह दिन महान इंजीनियर एवं भारत रत्न एवं ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से सम्मानित एम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में सेलिब्रेट किया जाता है। एम विश्वेश्वरैया का पूरा नाम मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया है। वह भारत के पहले इंजीनियर थे। भारत के अलावा 15 सितंबर को श्रीलंका और तंजानिया में भी इंजीनियर दिवस मनाया जाता है। जानें इस बार की थीम।

Engineer's Day History, इंजीनियर्स डे का इतिहास

एम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ था। एम विश्वेश्वरैया बाढ़ आपदा प्रबंधन और सिंचाई तकनीकों में माहिर थे।अपने गृहनगर में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद विश्वेश्वरैया मद्रास विश्वविद्यालय में बीए की पढ़ाई करने गए। उन्होंने पुणे में कॉलेज ऑफ साइंस से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। उन्हीं की जयंती 15 सितंबर को राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे के लिए समर्पित कर दिया गया। एम विश्वेश्वरैया को 1955 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें ब्रिटिश नाइटहुड पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वर्ष 1967 से इंजीनियर्स डे मनाने की शुरुआत हुई।

Engineer's Day 2023: ये है इस वर्ष की थीम

राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस 2023 की थीम 'Engineering for a Sustainable Future' यानी कि 'सतत भविष्य के लिए इंजीनियरिंग' तय की गयी है। किसी भी दिन को मनाने के लिए प्रतिवर्ष कोई न कोई थीम तय की जाती है और उसी के अनुसार उस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। यह अवसर इंजीनियरों की सरलता और नवीनता के जश्न का प्रतीक है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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