Education News in Hindi: दिल्ली सरकार के स्कूलों के 14 छात्रों को जर्मनी में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहला अवसर है जब दिल्ली सरकार के स्कूलों के छात्र सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी प्रशिक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं। इस चयन की घोषणा बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय में एक सम्मान समारोह के दौरान की गई, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने छात्रों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को दिल्ली सरकार की शिक्षा नीति की सफलता और समान अवसरों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम और लगन से सीमित संसाधनों में भी वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
ड्यूल ट्रेनिंग प्रोग्राम
चयनित छात्रों को जर्मनी में तीन से साढ़े तीन वर्ष तक ड्यूल ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी शामिल होगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि यह कार्यक्रम दिल्ली और जर्मन सरकार के बीच स्किल डिवेलपमेंट पर आधारित सहयोग है, जो छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करेगा और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
- दिल्ली सरकार के स्कूलों के 14 छात्रों का जर्मनी में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए चयन।
- यह पहला अवसर है जब दिल्ली सरकार के स्कूलों के छात्र अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं।
- सम्मान समारोह का आयोजन बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय में हुआ।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने छात्रों को सम्मानित किया।
- मुख्यमंत्री ने इसे शिक्षा नीति की सफलता और समान अवसरों का प्रतीक बताया।
- छात्रों ने साबित किया कि कठिन परिश्रम से वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
- छात्रों को जर्मनी में तीन से साढ़े तीन वर्ष तक ड्यूल ट्रेनिंग दी जाएगी।
- ड्यूल ट्रेनिंग में कक्षा में पढ़ाई और इंडस्ट्री में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शामिल होगी।
- यह कार्यक्रम दिल्ली और जर्मन सरकार के बीच स्किल डिवेलपमेंट पर आधारित सहयोग है।
- शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- यह पहल स्किल इंडिया मिशन से जुड़ी हुई है।
- यह दिल्ली सरकार की शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल को स्किल इंडिया मिशन से जोड़ते हुए, मंत्री ने इसे दिल्ली सरकार की शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
