CBSE Payment Gateway row: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पोस्ट-रिजल्ट और री-इवैल्यूएशन प्रक्रियाओं में सामने आई तकनीकी और भुगतान संबंधी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार अब एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को देश के चार बड़े सरकारी बैंकों- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य CBSE के पेमेंट गेटवे सिस्टम को पूरी तरह मजबूत और छात्र हितैषी बनाना था।
ट्रांजैक्शन समय पर और सुरक्षित हो
बैठक में शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि री-इवैल्यूएशन, उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी और अन्य शुल्क आधारित सेवाओं के दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार की तकनीकी दिक्कत या भुगतान विफलता का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि वे CBSE के साथ मिलकर ऐसा मजबूत भुगतान सिस्टम तैयार करें, जिससे सभी ट्रांजैक्शन समय पर और सुरक्षित तरीके से पूरे हो सकें।
डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को बनाएं सरल
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से इस पहल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की, ताकि भविष्य में छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना बेहद जरूरी है। बैठक में शामिल चारों सरकारी बैंकों ने CBSE को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैंकों ने कहा कि वे जल्द से जल्द तकनीकी अपग्रेड और नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करेंगे।
ऑटोमैटिक रिफंड की व्यवस्था करें
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कई छात्रों को हाल के दिनों में भुगतान फेल होने, राशि कटने और रिफंड में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इसे देखते हुए अब बैंकों को एडवांस तकनीकी सुरक्षा, रियल टाइम मॉनिटरिंग और तेज शिकायत निवारण प्रणाली विकसित करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही फेल या अतिरिक्त भुगतान की स्थिति में ऑटोमैटिक रिफंड की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
इससे पहले 24 मई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। हाल के दिनों में CBSE के री-इवैल्यूएशन और पोस्ट रिजल्ट प्रक्रियाओं के दौरान छात्रों को आई तकनीकी दिक्कतों के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
