हरियाणा के कैथल में नकली किताबों के कारोबार का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री फ्लाइंग टीम और एनसीईआरटी (National Council of Educational Research and Training) की संयुक्त कार्रवाई में एक पुस्तक विक्रेता की दुकान पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में नकली किताबें बरामद की गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत और अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार टीम ने शहर की एक बुक शॉप पर अचानक जांच की। जांच के दौरान वहां से कक्षा नौवीं की एनसीईआरटी इंग्लिश मीडियम साइंस की किताब एक्सप्लोरेशन कोड संख्या 0906 की कुल 483 प्रतियां बरामद की गई। प्राथमिक जांच में ये सभी किताबें नकली पाई गई हैं। बताया जा रहा है कि असली एनसीईआरटी पुस्तकों पर विशेष वाटरमार्क और पहचान चिन्ह मौजूद होते हैं, लेकिन जब्त की गई किताबों में यह सुरक्षा चिन्ह नहीं मिले।
इतनी है जब्त की गई किताबों की कीमत
अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई प्रत्येक पुस्तक की कीमत करीब 205 रुपये बताई जा रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में नकली किताबें बेचकर छात्रों और अभिभावकों से ठगी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये किताबें कहां से छपकर आईं और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकान में मौजूद स्टॉक की गहन जांच की और कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए। बता दें नकली किताबें छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं, क्योंकि इनमें कई बार गलत जानकारी, खराब प्रिंटिंग और अधूरा पाठ्यक्रम होता है। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
शिक्षा विभाग भी सतर्क
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग भी सतर्क हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भी जांच अभियान चलाया जा सकता है ताकि नकली किताबों के कारोबार पर रोक लगाई जा सके।
