Children's Day 2023 History : क्यों मनाया जाता है बाल दिवस
पंडित नेहरू को बच्चों के प्रति काफी लगाव था और वह हमेशा उनके बीच में रहना पसंद करते थे। भारत को आजादी मिलने के बाद उन्होंने बच्चों और युवाओं के अधिकार और उनकी शिक्षा के लिए काफी काम किया था। ऐसे में जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाने के लिए संसद में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद से हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
Children's Day 2023 Significance: बाल दिवस मनाने का उद्देश्य
बाल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, देखभाल और शिक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने एक बार कहा था कि 'आज के बच्चे कल का भारत बनाएंगे। हम जिस तरह से उनका पालन-पोषण करेंगे, वह देश के भविष्य को निर्धारित करेगा।' पंडित नेहरू ने बच्चों की शिक्षा और युवाओं के विकास और रोजगार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई थी।
Pt. Jawaharlal Nehru Birthday 2023: कौन थे पंडित जवाहरलाल नेहरू
पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। नेहरू ने अपनी स्कूली शिक्षा हैरो और कॉलेज की शिक्षा ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज (लंदन) से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी लॉ की डिग्री कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पूरी की। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद पंडित नेहरू 1912 में स्वदेश लौट आए और स्वतंतत्रा संग्राम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। देश की आजादी की खातिर नेहरू जी कई बार जेल भी गए। इसके बावजूद उनका मनोबल कम नहीं हुआ।
Pt. Jawaharlal Nehru Jayanti 2023: देश की सेवा
देश की आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू को सर्वसम्मति से देश का पहला प्रधानमंत्री चुना गया था। उन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की। विश्व पटल पर भी नेहरू जी को प्रखर नेता कहा जाता था। जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु 27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी।
