केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय (Cabinet Secretariat) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' की सेवा खरीद से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकारी आदेश के अनुसार, इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल करने के लिए एक-सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया गया है। बता दें कि इस संबंध में नई दिल्ली के सेवा तीर्थ स्थित कैबिनेट सचिवालय द्वारा यह आधिकारिक आदेश 2 जून 2026 को जारी किया गया है। इस आदेश पर कैबिनेट के अतिरिक्त सचिव सतेंद्र सिंह के साइन हैं।
एस. राधा चौहान करेंगी समिति की अध्यक्षता
इस उच्च स्तरीय एक-सदस्यीय जांच समिति की कमान देश की सीनियर अधिकारी एस. राधा चौहान (S. Radha Chauhan) को सौंपी गई है। वर्तमान में वे क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की चेयरपर्सन के रूप में कार्यरत हैं।
इस विषय पर मुख्य रूप से होगी जांच
इस विशेष समिति का गठन सीबीएसई द्वारा 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम' के लिए ली गई सेवाओं की खरीद की प्रक्रिया और उससे जुड़े नियमों की जांच करने के लिए किया गया है। समिति इस बात की समीक्षा करेगी कि इस प्रणाली की खरीद में सभी तय मानकों का पालन किया गया है या नहीं।
समिति को मिले स्पेशल अधिकार और सहायता
आदेश के मुताबिक, निष्पक्ष और सटीक जांच सुनिश्चित करने के लिए समिति को कई अधिकार दिए गए हैं। इसमें समिति की चेयरपर्सन को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार अन्य सरकारी कार्यालयों या विभागों से योग्य अधिकारियों की मदद ले सकती हैं। इसके साथ ही इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान समिति को आवश्यक प्रशासनिक और सचिवीय सहायता 'क्षमता निर्माण आयोग' द्वारा प्रदान की जाएगी।
एक महीने के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस जांच के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है। आदेश के अनुसार, समिति को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट एक महीने यानी 30 दिन के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel & Training - DoPT) को सौंपनी होगी।
