CBSE New Marking Scheme 2026: सीबीएसई बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। इस साल पहली बार लागू की गई ऑन स्क्रीन मार्किंग (On Screen Marking Scheme) प्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड का कहना है कि यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्रुटिहीन है, लेकिन छात्रों का दावा है कि सख्त स्टेप वाइज मार्किंग के कारण उनके मार्क्स उम्मीद से काफी कम आए हैं। इसका सबसे बड़ा असर उन छात्रों पर पड़ा है जिन्होंने जेईई मेन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन 12वीं में 75 प्रतिशत अंकों का जरूरी क्राइटेरिया पूरा नहीं कर सके।
बता दें सीबीएसई बोर्ड 12वीं का पासिंग पर्सेंटेज कुल 85.20% देखने को मिला है, जो पिछले 7 वर्षों में सबसे कम माना जा रहा है। ऐसे में हजारों छात्र अपने करियर को लेकर चिंतित हैं। खासकर वे छात्र जिन्होंने जेईई मेन में 90 से 99 पर्सेंटाइल तक स्कोर किया है, लेकिन बोर्ड परीक्षा में 75% अंक हासिल नहीं कर पाए। नियमों के अनुसार आईआईटी और कई एनआईटी संस्थानों में प्रवेश के लिए छात्रों को 12वीं में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। यही कारण है कि कई मेधावी छात्र जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई करने के बावजूद एडमिशन की दौड़ से बाहर होते नजर आ रहे हैं।
न्यायसंगत, पारदर्शी और समान मूल्यांकन प्रणाली
बीते दिनों बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि वह निष्पक्ष, न्यायसंगत, पारदर्शी और समान मूल्यांकन प्रणाली बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। CBSE के मुताबिक, बोर्ड की सभी मूल्यांकन प्रक्रियाएं मजबूत और पारदर्शी नियमों के तहत संचालित की जाती हैं ताकि छात्रों के हित सुरक्षित रह सकें। बोर्ड के अनुसार, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए परीक्षकों को स्टेप-बाय-स्टेप मार्किंग करनी होती है, जिससे हर उत्तर का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके। CBSE ने कहा कि यह प्रणाली लंबे समय से बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और इससे अलग-अलग क्षेत्रों तथा विषयों में अंक देने की प्रक्रिया अधिक वस्तुनिष्ठ बनी है।
कुल इतने छात्र परीक्षा में शामिल
बता दें सीबीएसई 12वीं बोर्ड रिजल्ट 13 मई 2026 को घोषित किया गया था। इस साल 17,80,365 छात्रों ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। कुल 17,68,968 स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा में बैठे थे, लेकिन कुल 15,07,109 यानी 85.20% स्टूडेंट्स पास हुए हैं।
