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CA Final Exam: अब साल में तीन नहीं बल्कि 2 बार ही होगा सीए का एग्जाम, जानें फायदे और चुनौतियां

CA final exam pattern: पहले सीए एग्जाम साल में तीन बार होता था। अब ये परीक्षा साल में दो ही बार करवाई जाएगी। इसके कुछ फायदे तो कुछ चुनौतियां भी हैं।

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CA Final Exam Schedule changed

CA Exam : ऑडिट रेगुलेटर इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने जानकारी दी है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की फाइनल परीक्षा अब साल में दो बार—यानी मई और नवंबर में—आयोजित की जाएगी। पहले ये एग्जाम साल में तीन बार होता था। अभी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA Final Exam Schedule changed) बनने के लिए साल के अंत में तीन बार- जनवरी, मई और सितंबर में—आयोजित की जाती है।

कब-कब आयोजित किए जाएंगे एग्जाम ? CA Final Exam Months

ऑडिट बॉडी ने जानकारी दी कि CA फाइनल परीक्षाओं (CA Final Exam) के आयोजन के लिए संशोधित समय-सारिणी इसी मई से लागू कर दी जाएगी। संस्था ने इस बात पर जोर दिया कि यह निर्णय हितधारकों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर लिया गया है। ICAI ने हितधारकों से सलाह के बाद ये फैसला लिया है कि परीक्षा मई और नवंबर में आयोजित की जाएगी। संस्थान का कहना है कि कई कोशिशों की संख्या कम करने से छात्रों को बेहतर तैयारी का मौका मिलेगी। साथ ही वे पढ़ाई के बीच सही तरीके से बैलेंस भी बना पाएंगे।

जानें फायदे और चुनौतियां

इस बदलाव से पूरे देश के लाखों छात्रों पर असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसके कुछ फायदे होंगे तो इस फैसले के आगे कुछ चुनौतियां भी होंगी। इससे छात्रों को अवधारणाओं की गहराई को समझने और रिवीजन करने के लिए वक्त ज्यादा मिलेगी। वहीं बार-बार परीक्षा देने वाली मानसिक थकान भी कम होगी। साथ ही छात्र तैयारी और आर्टिकलशिप के बीच बैलेंस को बेहतर तरीके से बिठा सकेंगे। और कोशिशों की ज्यादा संख्या पर ध्यान देने की बजाय रणनीति पर ध्यान देंगे।

क्या है इस फैसले की सबसे बड़ी चुनौती ?

हालांकि इस फैसले की चुनौतियां भी कम नहीं हैं। इसके आगे सबसे बड़ी चुनौती तो ये है कि कुछ स्टूडेंट्स के लिए कोशिशों की संख्या भी कम हो जाएगी। अगर कोई एक बार में पास नहीं होता है तो उसके लिए अगले मौके के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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