BSSC Inter Level Exam: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार अब आंदोलन में बदलता नजर आ रहा है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी BSSC की लंबित परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खास तौर पर द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा और CGL-4 की परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी लगातार आवाज उठा रहे हैं। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी BSSC और BPSSC के लिए नियमित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, लंबित परीक्षाओं की जल्द तारीख और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही संविदा कर्मियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में दिए जा रहे 25 फीसदी अतिरिक्त वेटेज को खत्म करने की मांग भी उठ रही है।
सबसे ज्यादा परेशानी इंटर लेवल भर्ती को लेकर है। BSSC ने द्वितीय इंटर स्तरीय भर्ती के लिए सितंबर 2023 में आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद भर्ती में कई बार बदलाव हुए। पिछले तीन वर्षों में रिक्तियों की संख्या भी चार बार बढ़ाई गई और निर्देशों में करीब 10 बार बदलाव हुआ। लेकिन अब तक प्रारंभिक परीक्षा की तारीख तय नहीं हो सकी है। मौजूदा समय में इस भर्ती में 26,426 पद बताए जा रहे हैं, जबकि करीब 36 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। अभ्यर्थियों की मांग साफ है कि भर्ती निकले तो परीक्षा समय पर हो, परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी और परिणाम भी तय समयसीमा में जारी हों। अब देखना होगा कि BSSC इन बढ़ते सवालों के बीच लंबित परीक्षाओं की तारीखों को लेकर क्या फैसला करता है।
अभ्यर्थियों की दूसरी बड़ी चिंता CGL-4 परीक्षा को लेकर है। इसका विज्ञापन अगस्त 2025 में जारी हुआ था। शुरुआत में 1,064 पद थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 1,883 कर दिया गया है। इस परीक्षा के लिए करीब 10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, लेकिन परीक्षा की तारीख को लेकर अभी भी इंतजार जारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में देरी से उनकी उम्र बढ़ रही है और कई उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा पार होने का खतरा पैदा हो रहा है। लंबे समय तक तैयारी करने से कोचिंग, किराया और पढ़ाई का खर्च भी बढ़ रहा है।
इसके अलावा प्रखंड संख्यिकी पदाधिकारी भर्ती भी अभ्यर्थियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मार्च 2025 में 682 पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ था और करीब चार लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया, लेकिन प्रारंभिक परीक्षा की तारीख अब तक घोषित नहीं हुई है।
