एजुकेशन

Education News: बिहार मंत्रिमंडल का बड़ा कदम, शिक्षा सेवकों और ‘तालीमी मरकज' के लंबित मानदेय के लिए 774 करोड़ रुपये की मंजूरी

Bihar Education News: बिहार मंत्रिमंडल ने महादलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़े समुदायों के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से जोड़ने वाले लगभग 30,000 शिक्षा सेवकों और ‘तालीमी मरकज’ को बड़ी राहत देते हुए 14 जून को उनके लंबित मानदेय के भुगतान के लिए 774 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी प्रदान कर दी।

Image

शिक्षा सेवक

Bihar Education News: बिहार मंत्रिमंडल ने महादलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़े समुदायों के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से जोड़ने वाले लगभग 30,000 शिक्षा सेवकों और ‘तालीमी मरकज’ को बड़ी राहत देते हुए 14 जून को उनके लंबित मानदेय के भुगतान के लिए 774 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी प्रदान कर दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 14 जून को संपन्न मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने संवादाताओं को बताया, ‘‘मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत ‘‘महादलित, दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना’’ कार्यक्रम के संचालन के लिए 7.74 अरब रुपये को स्वीकृति दे दी है।’’

30,000 शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज को मिलेगा लंबित मानदेय

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के अन्तर्गत ‘‘अक्षर आंचल कार्यक्रम’’ का उद्देश्य महादलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़े समुदायों के छह से 14 वर्ष के आयु के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से जोड़ना है। उनका कहना था कि मंत्रिमंडल के इस फैसले से करीब 30,000 शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज को पिछले कई महीनों से लंबित मानदेय मिल सकेगा।

मासिक मानदेय 11,000 रुपये से बढ़ाकर 22000 किया गया

राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले साल राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत शिक्षा सेवकों/तालिमी मरकज का मासिक मानदेय 11,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 22,000 रुपये कर दिया था।

बेरोजगारी भत्ता की भी मिली मंजूरी

सिद्धार्थ ने बताया कि मंत्रिमंडल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम मनरेगा के तहत उन लोगों को ‘‘बेरोजगारी भत्ता’’ देने को भी मंजूरी दे दी है जिन्हें आवेदन जमा करने के पंद्रह दिनों के भीतर योजना के तहत काम नहीं मिलता है ।

सिद्धार्थ ने कहा कि इसके अलावा मंत्रिमंडल ने ‘एक्स’, ‘वाई’ और ‘जेड’ श्रेणी के शहरों तथा वर्गीकृत नहीं किए गए शहर में भी रहने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों के किराए भत्ते में वृद्धि को भी मंजूरी दे दी है।

मूल वेतन का 30 प्रतिशत किराया भत्ता

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली और मुंबई जैसे एक्स श्रेणी के शहरों में तैनात राज्य सरकार के कर्मचारियों को अब उनके मूल वेतन का 30 प्रतिशत किराया भत्ता मिलेगा, पटना जैसे वाई श्रेणी के शहर में कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 20 प्रतिशत (पहले यह 16 प्रतिशत था) के रूप में मिलेगा, जेड श्रेणी के शहरों में उन्हें उनके मूल वेतन का 10 प्रतिशत (पहले यह आठ प्रतिशत था, किराया भत्ता के रूप में मिलेगा।’’

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

और पढ़ें
End of Article