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Bihar Board Toppers: बिहार बोर्ड 10वीं टॉपर मोहम्मद रुम्मान ने बताया सफलता का राज, कैसे की तैयारी?

  • Authored by: प्रभाष रावत
  • Updated Mar 31, 2023, 03:25 PM IST

Bihar Board 10th Topper Mohammad Rumman: शेखपुरा के रहने वाले मोहम्मद रुम्मान के घर पर उस समय खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें बिहार बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं रिजल्ट आने के बाद अचानक पता चला कि वह राज्य में कक्षा 10वीं के टॉपर बन गए हैं। एक बातचीत में उन्होंने अपनी सफलता के बारे में बात की है।

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बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं टॉपर मोहम्मद रुम्मान

BSEB, Bihar Board 10th Topper Mohammad Rumman and Gyani Anupama: बिहार बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी हो चुके हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में बिहार बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया है। बीएसईबी के परिणाम में शेखपुरा के रहने वाले मोहम्मद रुम्मान अशरफ टॉपर बनकर उभरे हैं जिन्होंने 489 अंक हासिल किए हैं और इसके अलावा औरंगाबाद की रहने वालीं ज्ञानी अनुपमा 486 पाकर दूसरे स्थान पर रही हैं।

जैसे ही रिजल्ट आया इन दोनों ही छात्रों के घर खुशी का ठिकाना नहीं रहा और बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं परिणाम के बाद एक बातचीत में दोनों छात्रों ने अपनी सफलता के बारे में कुछ बातें साझा कीं। एक चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान बातचीत में 97 फीसदी अंक हासिल करने वाले मोहम्मद रुम्मान ने कहा कि उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वह टॉप करेंगे। परिणाम आते ही टीचर, पड़ोसी और पेरेंट्स सहित बधाई देने वालों का तांता लग गया।

परिवार ने फोकस करने में दिया साथ: मोहम्मद रुम्मान ने बताया कि उन्होंने गाइड से पढ़ाई करके कक्षा 10वीं परीक्षा के लिए तैयारी की और मां ने पूरा योगदान देते हुए यह सुनिश्चित किया कि रुम्मान को कोई डिस्टर्ब ना करे। इस तरह वह अपनी पढ़ाई पर फोकस बनाए रखने में कामयाब रहे। कोरोना काल के दौरान जब पढ़ाई करने में चुनौतियां तब भी मोहम्मद रुम्मान ने अपने फोकस को नहीं गंवाया।

परीक्षा देने और खुद अंकों की गणना करने के बाद रुम्मान को पहले से ही इस बात की उम्मीद थी कि वह बिहार बोर्ड परीक्षा के टॉपर हो सकते हैं। आगे की पढ़ाई की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि स्ट्रीम को लेकर उन्होंने फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है।

टॉपर ज्ञानी ने बताई सफलता की कहानी: औरंगाबाद की रहने वाली ज्ञानी अनुपमा ने 486 अंक हासिल करके दूसरा स्थान हासिल किया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बातचीत में बताया कि उन्हें भी अच्छे अंक आने की उम्मीद पहले से थी। ज्ञानी ने अपनी सफलता में सबसे बड़ा श्रेय अपने टीचर्स को दिया, जिन्होंने इन्हें परीक्षा की तैयारी के साथ उत्तर लिखने की कला सिखाई। उन्होने बताया कि वह दिन में रोज 5 से 6 घंटे की पढ़ाई करती थीं।

आगे की पढ़ाई: इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बारे में पूछे जाने पर ज्ञानी अनुपमा ने कहा कि वह साइंस स्ट्रीम से 12वीं करना चाहती हैं। दूसरे छात्रों को टिप्स देने के बारे में पूछे जाने पर ज्ञानी ने कहा कभी हार नहीं मानना चाहिए और अपने लक्ष्य की दिशा में लगे रहना चाहिए।

प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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